सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
DevanagariHindipublished838 पृष्ठ
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६१४ | सूर्य-सिद्धान्त
नक्षत्रों के योग ताराओं तथा कुछ अन्य ताराओं के ध्रुवाभिमुख शर या विक्षेप (देखो भारतीय ज्योतिष शास्त्र पृष्ठ ४५३)
| नक्षत्रों की क्रम-संख्या | ताराओं के नाम | प्रचलित सूर्य-सिद्धान्त (अंश | कला) | ब्रह्मगुप्त सिद्धान्त (अंश | कला) | लल्लतंत्र (अंश | कला) | दामोदरीय भटतुल्य (अंश | कला) | सुन्दर सिद्धान्त (अंश | कला) | ग्रहलाघव (अंश | कला) | शंकर बालकृष्ण दीक्षित (अंश | कला) | शर की दिशा |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| १ | अश्विनी | १० | १० | १० | १० | १० | १० | ८ | उत्तर |
| २ | भरणी | १२ | १२ | १२ | १२ १५ | १२ | १२ | १० ५७ | उत्तर |
| ३ | कृत्तिका | ५ | ४ ३१ | ५ | ४ | ४ | ५ | ४ ८ | उत्तर |
| ४ | रोहिणी | ५ | ४ ३३ | ५ | ४ | ४ ३० | ५ | ५ ३२ | दक्षिण |
| ५ | मृगशिरा | १० | १० | १० | १० | १० | १० | १३ २४ | दक्षिण |
| ६ | आर्द्रा | ९ | ११ | ११ | ११ | ११ | ११ | ६ ४६ | दक्षिण |
| ७ | पुनर्वसु | ६ | ६ | ६ | ६ | ६ | ६ | ६ ४६ | उत्तर |