भारतकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

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मानाध्याय ८०१ पूर्णिमान्तकाल में नक्षत्रों की वास्तविक स्थिति

मास | पूर्णिमा के नक्षत्र क्रम- | १६६१ | १६६२ | १६६३ | १६६४ | १६६५ विक्रमी | संख्या सहित | | | | |

आश्विन | २६—उत्तराभाद्रपद | अश्विनी | रेवती | भरणी | अश्विनी | रेवती | २७—रेवती | | | | | | १—अश्विनी | | | | |

कार्त्तिक | २—भरणी | कृत्तिका | भरणी + | रोहिणी | कृत्तिका | भरणी + | ३—कृत्तिका | | | | | | ४—रोहिणी | | | | |

मार्गशीर्ष| ५—मृगशिरा | मृगशिरा | मृगशिरा | आर्द्रा | मृगशिरा | रोहिणी + | ६—आर्द्रा *, | | | | |

पौष | ७—पुनर्वसु | पुष्य | पुनर्वसु | पुष्य | पुनर्वसु | पुनर्वसु | ८—पुष्य | | | | |

माघ | ९—आश्लेषा | मघा | आश्लेषा | पू० फाल्गुनी + | मघा | आश्लेषा | १०—मघा | | | | |

फाल्गुन | ११—पूर्वाफाल्गुनी | उत्तरा फाल्गुनी | पू० फाल्गुनी | हस्त | उ० फाल्गुनी | पूर्वाफाल्गुनी | १२—उत्तराफाल्गुनी | | | | | | १३—हस्त | | | | |