भारतकोश
स्वरोदय विज्ञान

स्वरोदय विज्ञान

Swarodaya Vigyan

श्री स्वामी जी महाराज (पीताम्बरा पीठाधीश्वर) द्वारा

स्रोत: स्वरोदय विज्ञानं - पीताम्बरा पीठाधीश्वर · पीताम्बरा पीठ (उद्गम)

Devanagarihipublished94 पृष्ठ

पृष्ठ 30, कुल 94 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 30

(स्वरोदय विज्ञान)

(१३)

स्वर वर्णन

नाम नाडी व प्रकृति | नाम नाडी जिसमें स्वर बहता है व प्रकृति व पक्ष जिस नाडी का है | नाम दिन जो स्वरसे संबंध रखते हों | स्वर चलाने का समय | दिशाएं प्रश्नादिक के लिए ---|---|---|---|--- इडा

(स्थिर कार्य) | इडा व चन्द्रमा बाएँ स्वर का नाम है। प्रकृति शीतल है शुक्ल पक्ष में १५ दिन इसकी प्रधानता है। सदा घण्टे तक एक एक नाडी का प्रमाण है क्रम से इसमें पांचों तत्व बहते हैं। | बुधवार

बृहस्पतिवार

शुक्रवार सोमवार | दिन को

चलाने से

आयु बढ़े | बायें

ऊपर

सामने पिङ्गला

(चर कार्य) | पिगला व सूर्य दाहिने स्वर का नाम है। कृष्ण पक्ष में १५ दिन इसकी प्रधानता है। | रविवार

शनिवार मंगलवार | दिन को चलाने से आयु घंटे शक्ति को चलाना उचित है। | दाहिने

नीचे पीछे

सुषुम्णा द्विस्वभाव

योगाभ्यास, हरिकीर्तन, जप, परोपकार