स्वरोदय विज्ञान
Swarodaya Vigyan
श्री स्वामी जी महाराज (पीताम्बरा पीठाधीश्वर) द्वारा
स्रोत: स्वरोदय विज्ञानं - पीताम्बरा पीठाधीश्वर · पीताम्बरा पीठ (उद्गम)
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(स्वरोदय विज्ञान)
नक्शा - १
लग्न या राशि | यात्रा की दिशाएं स्वरानुसार | कालज्ञान | शुभ कार्यों का वर्णन जो स्वर्गों में किये जाते हैं ---|---|---|--- वृष, कर्क कन्या | पश्चिम दक्षिण | चार, आठ, बारह या बीस दिन चले तो योगी की आयु बढ़ें | ब्याह करना, दान देना, तीर्थ करना वस्त्र या भूषण बनवाना या पहनना, घर जाना, वृश्चिक मकर | | | पुस्तक लेना, योगाभ्यास करना, प्रीति करना, औषधि देना, पानी मीन | | | पीना, दीक्षा मन्त्र लेना-देना, बाग या गुफा बनवाना, अन्न बोना इत्यादि मेघ, सिंह | पूर्व | ८ पहर १६ पहर २ दिन ३ वर्ष २ वर्ष १ वर्ष | शुद्ध करना, भोजन करना, स्नान करना, मैथुन करना, तुला, कुंभ | उत्तर | १६ दिन चले १ मास | विवाह करना, हाथी, घोड़ा मिथुन धन | | १ मास २ दिन | या हथियार लेना, विद्या पढ़ना, मंत्र जपना, ध्यान करना, कर्ज, देना-लेना।
के काम करना