भारतकोश
स्वरोदय विज्ञान

स्वरोदय विज्ञान

Swarodaya Vigyan

श्री स्वामी जी महाराज (पीताम्बरा पीठाधीश्वर) द्वारा

स्रोत: स्वरोदय विज्ञानं - पीताम्बरा पीठाधीश्वर · पीताम्बरा पीठ (उद्गम)

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(२६)

(स्वरोदय विज्ञान)

है परन्तु इसके प्रश्न बन्द स्वर से लिये जाते हैं।

प्रश्न – इस गर्भ से लड़का होगा या लड़की?

उत्तर – अभ्यासी का बायां स्वर है तो लड़की और यदि दायां है तो लड़का पैदा होगा। यदि दोनों स्वर चलते हों तो दो लड़कें पैदा हों या दो लड़कियाँ।

प्रश्न – लड़का या लड़की दीर्घायु होंगे या अल्पायु?

उत्तर – यदि प्रश्नकर्ता और अभ्यासी के स्वर एक सामान हों तो लड़का या लड़की चिरायु है अन्यथा अल्पायु। यदि वायु तत्व है तो गर्भपात हो या लड़की हो। सुषुम्ना स्वर में आकाश तत्व चलता हो, तो गर्भपात है। आकाश तत्व में हिजड़ा पैदा होता है। यदि अभ्यासी का दाहिना स्वर हो और प्रश्नकर्ता का बायाँ और प्रश्नकर्ता यदि बायीं ओर से प्रश्न करता हो तो लड़की और उसकी माता दोनों का देहांत हो जाय। यदि पृथ्वी तत्व चल रहा हो, तो लड़की दीर्घायु हो। जल तत्व से सदाचारी लड़का हो। अग्नि तत्व हो तो गर्भपात हो।

शेष सम्बन्धी प्रश्न (पृष्ठ २३, २४, २५ भी देखें )

प्रश्न-उत्तर यदि बन्द स्वर की तरफ से प्रश्नकर्ता चलते स्वर की तरफ बैठ कर प्रश्न करें तो रोगी को आराम हो जायेगा। यदि प्रश्नकर्ता और अभ्यासी दोनों एक ही तरफ हो तो रोगी को आराम हो जायेगा। यदि नक्षत्र, लग्न, दिन, तिथि इत्यादि सब उस स्वर के अनुकूल हों तो बहुत जल्द बीमारी दूर होगी, अन्यथा उतनी ही देरी होगी जितनी की इनसब की अनुकूलता में भेद पड़ेगा। यदि प्रश्नकर्ता ऊपर से, ठहर कर प्रश्न करें तो आसार बुरे होंगे। यदि बहते स्वर की ओर से आकर बन्द स्वर की तरफ आवे तो बीमार मर जावे। यदि प्रश्न के समय बायें स्वर में जल या पृथ्वी तत्व हो तो शीघ्र ही आराम हो। वायु और आकाश तत्व प्रश्न के समय जारी हों, तो मरीज मर जावे, अन्यथा उसको आराम हो।

यात्रा सम्बन्धी प्रश्न

यदि प्रश्नकर्ता और अभ्यासी दोनों का दाहिना स्वर चलता हो, तो