भारतकोश
स्वरोदय विज्ञान

स्वरोदय विज्ञान

Swarodaya Vigyan

श्री स्वामी जी महाराज (पीताम्बरा पीठाधीश्वर) द्वारा

स्रोत: स्वरोदय विज्ञानं - पीताम्बरा पीठाधीश्वर · पीताम्बरा पीठ (उद्गम)

Devanagarihipublished94 पृष्ठ

पृष्ठ 5, कुल 94 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 5

प्रकाशकीय

(पंचम संस्करण)

प्रकाशकीय (पंचम संस्करण)

“स्वरोदय विज्ञान” का पंचम संस्करण प्रकाशित करते हुये श्री “पीताम्बरा-पीठ संस्कृत परिषद् प्रसन्नता का अनुभव कर रही है।

स्वर साधना अत्यन्त प्राचीन है। प्राण साधना के अन्तर्गत इसका विशेष महत्व है। पूज्यपाद स्वामी जी महाराज स्वयं स्वर साधना के अच्छे ज्ञाता रहे हैं। वे “स्वरोदय” नाम से पंचाङ्ग तैयार कराते थे जिसमें पूरे वर्ष भर होने वाले घटना-क्रम को संवत्सर की प्रतिपदा को ही लिख देते थे। स्वर सम्बन्धी साहित्य जहाँ कहीं से भी उन्हें प्राप्त हुआ इस ग्रन्थ में संकलित कर दिया है।

आशा है स्वर अध्याताओं का इससे हित होगा।

शारदीय नवरात्र 2060

तदनुसार 27 सितम्बर 2003

ओम् नारायण शास्त्री

मंत्री

श्री पीताम्बरा पीठ संस्कृत परिषद्

दतिया