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स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 1)

स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 1)

Swadeshi Utpad Banane Ki Vidhi (Bhag 1)

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 1 · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

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गुण उसके लिए सबसे बड़े विज्ञापन के माध्यम बन जाएंगे। बाद में जब स्थिति मजबूत होने लगे तो और तेजी से बाजार में व्यापक पहुँच बनाने के लिए आकर्षक पैकिंग, विज्ञापन आदि पर ध्यान दिया जा सकता है। इन सबमें गुणवत्ता बनाये रखना और उसे बेहतर करते रहना सबसे जरूरी बात है, क्योंकि अंततः कोई ग्राहक आपके उत्पाद का बार-बार इस्तेमाल तभी करना चाहेगा, जबकि उसे दूसरी अन्य कंपनियों से तुलनात्मक रूप से बेहतर पाएगा।

स्वानंद अपनाइये

राष्ट्रधर्म निभाइये

स्वदेशी माल पर लगा गौरव चिन्ह.... स्वानंद।

ऊँचे दर्जे के स्वदेशी माल की पहचान.... स्वानंद।

उत्पादन - ग्राहक के परस्पर विश्वास का प्रतीक.... स्वानंद।

स्वदेशी और स्वराज एक ही सिकके के दो पहलू हैं

भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए, हमारे उद्योग, हमारी संस्कृति टिकाए रखने के लिए स्वदेशी अपनाना हमारा कर्तव्य बनता है, और स्वदेशी अपनाने के लिए सबसे आसान रास्ता है..... स्वानंद

“स्वानंद पीठम” के मुख्य उद्देश्य हैं.....

इस देश में हर हाथ को काम मिले

इस देश में केवल ऊँचे दर्जे के माल का ही उत्पादन हो

इस देश का व्यापारी स्वदेशी माल की बिक्री करने में गौरव अनुभव करे

इस देश का उपभोक्ता केवल स्वदेशी माल खरीदकर राष्ट्रधर्म निभाए

इस देश का उद्योग विश्व में स्पर्धा योग्य बने।

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