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स्वदेशी उत्पाद विधि (भाग 3)

Swadeshi Utpad Vidhi (Bhag 3)

रोबिन बसराना / राजीव दीक्षित द्वारा

स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 3 (Best Out of Waste) · Swadeshi Robin Basrana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished69 पृष्ठ

अपने घर पर ही पापड़ तैयार कर कुशल व्यवसायी के रूप में अच्छे दामों पे बाजार में बेचा जा सकता है। पापड़ का उपयोग सब्जी बनाने एवं खाने में किया जाता हैं। यह मूंग दाल, उड़द दाल के द्वारा तैयार किया जाता हैं। पापड़ की बाजार में बिक्री करके इस उद्योग को अच्छा व्यवसाय बनाया जा सकता है। 20000 से 25000 की लागत में शुरू कर, पापड़ की बाजार में बिक्री करके इस उद्योग को अच्छा व्यवसाय बनाया जा। इस व्यवसाय से अच्छा लाभ भी मिल सकता है।

10. साबुन बनाने का उद्योग

साबुन बनाने के कुटीर उद्योग के लिए कास्टिक सोडा, तेल, एसेंस आटा आदि सामग्री की जरूरत होती है। इनको मिलाकर व साबुन तैयार कर बाजार में बिक्री की जा सकती है। इनके लिये कुशलता हेतु जिला उद्योग केंद्र द्वारा 3 से 6 महीने की ट्रेनिंग दी जाती है।

11. कपड़ों की छपाई का कार्य

कपड़ों को रंगकर व उन पर छपाई करके छोटे व्यवसाय का रूप दिया जा सकता है। फैक्टरियां, तैयार साथे कपड़े को रंगने के लिए देती हैं ताकि उसी कपड़े को आकर्षक बनाया जा सके। इस कार्य को शुरू करने के लिए आप कपड़े बनाने वाली फैक्टरी से सम्पर्क कर सकते हो। कम लागत का यह व्यवसाय निरन्तर गतिशील होता रहा है।

12. चूड़ी बनाने का कुटीर उद्योग

चूड़ी बनाने का व्यवसाय आप घर बैठकर परिवार के सहयोग से कर सकते हैं। इनके लिए आपको एक मशीन की आवश्यकता रहेगी जिसकी कीमत 50 से 70 हजार होती है। इसके अलावा आपको कच्चा माल भी खरीदना होगा। आप महिलाओं के हाथों में पहनने वाली प्लास्टिक की चूड़ियां बनाकर प्रतिदिन एक हजार रुपये तक धन कमा सकते हैं। इनकी मार्केटिंग व पैकिंग आपको ही करनी पड़ती है।

13. सिलाई करने का स्माल बिज़नेस

आप घर बैठे कपड़ों की सिलाई करके अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इनके लिए आपको एक मशीन की आवश्यकता होगी। यह मशीन आपको मार्केट में 3 से 4 हजार रुपये में आसानी से मिल जायेगी। इस मशीन पर सिलाई करके प्रतिदिन 700 से 1000 रुपये तक कमाया जा सकता है। सिलाई कार्य सिखाने के लिए सरकार की ओर से स्किल डेवलपमेंट के तहत इसमें ट्रेनिंग भी दी जाती है। इसके अलावा कुछ NGOs की तरफ से भी सिलाई की ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग की अवधि 3 से 6 महीने की होती है।

14 मेंहदी लगाने का व्यवसाय

भारतीय संस्कृति में विवाह एवं अन्य सभी मंगलकारी कार्यक्रमों में मेंहदी लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस व्यवसाय के लिए किसी मशीन को खरीदने की आवश्यकता नहीं है। बस अपने हुनर को उभारने की जरूरत है। हाथों की मेंहदी डिजाइन बनाने के लिए 200 से 300 रुपये मिलते हैं। शादियों में मेंहदी लगाने के लिए 10,000 रुपये तक दिया जा सकता है। इस व्यवसाय की मांग दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। मेंहदी के डिजाइन सिखाने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत प्रशिक्षण भी दिया जाता है। कम लागत का यह कारोबार अधिक मुनाफा प्रदान करता है व घर पर रहने वाली गृहिणियों के लिए बहुत ही अच्छा है।

15. सौंदर्य एवं श्रृंगार प्रसाधन उद्योग

शरीर की सुंदरता बढ़ाने के काम आने वाले प्रोडक्ट्स को सौंदर्य प्रसाधन या कॉस्मेटिक कहते हैं। इनका सम्बंध शरीर के किसी अंग के मेकअप से है। कास्मेटिक प्रोडक्ट्स प्राकृतिक (natural) एवं कृत्रिम (artificial) दो प्रकार के होते हैं। आजकल पश्चिमी सभ्यता के चलते इसकी डिमांड दिन ब दिन बढ़ रही है। इस उद्योग से जुड़कर आप अच्छा मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। सरकार के द्वारा निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इस प्रशिक्षण की अवधि चार माह की होती है। इसके लिए 10वीं पास होना आवश्यक है।

16. दोना पत्तल बनाने का छोटा उद्योग

यह उद्योग शुरू करने के लिए आपको सबसे पहले मशीन खरीदनी होगी। डबल डार्ड फुल ओटोमेटिक नाम से इस मशीन की कीमत पचास हजार से

शुरू होती है। इस मशीन की खासियत यह है की इसमें दो डार्ड लगी होती हैं। दोनों डार्ड 1 घण्टे में 1000 पीस तक का उत्पादन करती हैं।

आप समय-समय पर डार्ड बदलकर उत्पाद की साइज भी बदल सकते हैं। दोना पतल बनाने के लिए आपको रोल (कच्चा माल) खरीदने होंगे। यह माल आपको दिल्ली व सूरत में वाजिब दर पर मिल जायेगा। माल तैयार करने के बाद पैकिंग एवं मार्केटिंग आपको खुद को ही करनी होगी। मार्केट की डिमांड अनुसार यदि आप दोना, पतल व थाली का उत्पादन करें तो आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इनका उपयोग होटलों, विवाह समारोह व अन्य सभी प्रकार के समारोह में नास्ता करने के लिए किया जाता है। इनकी मांग निरन्तर बढ़ रही है। इसे बनाने के लिए कोई विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता नहीं होती है। दोना पतल पर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आपको बैंक से लोन भी मिल सकता है।

17. गाय, भेड़ व बकरी का पालन

गाय, भेड़ व बकरी का पालन कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। अच्छी नस्ल की गाय खरीदकर दूध की बिक्री की जा सकती है। इसके अलावा आप दही, माखन, घी व छाछ भी बेच कर धन कमा सकते हैं। पशुओं से प्राप्त होने वाली गोबर खाद को बेचकर लाभांश प्राप्त कर सकते हैं। इस खाद को खेतों में भूमि की उर्वरता शक्ति बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। पशु पालन सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाले कुटीर उद्योगों में से एक है। इस उद्योग को शुरू करने के लिए सरकार की ओर से लोन भी दिया जाता है।

18. अचार बनाने का उद्योग

कई तरह के आचार जैसे मिर्च, आम, जलपाई, आवंला आदि बनाकर बिक्री किया जा सकता है। आचार का व्यापार कम लागत और भरपूर मेहनत से सफलता पूर्वक किया जा सकता है। यह आचार एक से दो महीने में तैयार हो जाता है। शुरूआत में प्रचार प्रसार के लिए मार्केटिंग करनी पड़ सकती है।

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श्री राजीव दीक्षित जी