भारतकोश
तन्त्रसार (महामाहेश्वर अभिनवगुप्त - तन्त्रालोक का प्रामाणिक सार-संग्रह सटीक)

तन्त्रसार (महामाहेश्वर अभिनवगुप्त - तन्त्रालोक का प्रामाणिक सार-संग्रह सटीक)

Tantrasara of Mahamaheshvara Abhinavagupta with Commentary

महामाहेश्वर अभिनवगुप्त द्वारा

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६ ] तन्त्रसार-अभिनवगुप्त [ आ. १ एहु पआसऊउ अत्ताणत सच्छन्दउ ढक्कइ णिअऊउ । पूणु पअढइ झठि अह कमवस्व एहत परमथीण शिवरसु ॥ इति श्रीमदभिनवगुप्ताचार्य विरचिते तन्त्रसारे विज्ञानभेद प्रकाशनं नाम प्रथममाह्निकम् ॥१॥