तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
DevanagariHindipublished177 पृष्ठ
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अध्याय - २ द्विविधानि ॥१६॥ सब इन्द्रियाँ [ द्विविधानि ] द्रव्येन्द्रिय और भावेन्द्रिय के भेद से दो प्रकार की हैं। (The senses are of) two kinds. निर्वृत्त्युपकरणे द्रव्येन्द्रियम् ॥१७॥ [ निर्वृत्ति उपकरणे ] निवृत्ति और उपकरण को [ द्रव्येन्द्रियम् ] द्रव्येन्द्रिय कहते हैं। The physical sense consists of accomplishment (of the organ itself) and means or instruments – (its protecting environment). लब्ध्युपयोगौ भावेन्द्रियम् ॥१८॥ [ लब्धि उपयोगौ ] लब्धि और उपयोग को [ भावेन्द्रियम् ] भावेन्द्रिय कहते हैं। The psychic sense consists of attainment and consciousness. 22