भारतकोश
तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary

आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा

DevanagariHindipublished177 पृष्ठ

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अध्याय - २ स्पर्शनरसनघ्राणचक्षुःश्रोत्राणि ॥१९॥ [ स्पर्शन ] स्पर्शन, [ रसन ] रसना, [ घ्राण ] नाक, [ चक्षुः ] चक्षु और [ श्रोत्र ] कान - यह पाँच इन्द्रियाँ हैं। Touch, taste, smell, sight, and hearing (are the senses). स्पर्शरसगन्धवर्णशब्दास्तदर्थाः ॥२०॥ [ स्पर्शरसगन्धवर्णशब्दाः ] स्पर्श, रस, गन्ध, वर्ण (रंग), शब्द - यह पाँच क्रमशः [ तत् अर्थाः ] उपरोक्त पाँच इन्द्रियों के विषय हैं अर्थात् उपरोक्त पाँच इन्द्रियाँ उन-उन विषयों को जानती हैं। Touch, taste, smell, colour and sound are the objects of the senses. श्रुतमनिन्द्रियस्य ॥२१॥ [ अनिन्द्रियस्य ] मन का विषय [ श्रुतम् ] श्रुतज्ञानगोचर पदार्थ हैं अथवा मन का प्रयोजन श्रुतज्ञान है। Scriptural knowledge is the province of the mind. 23