भारतकोश
त्रिपुरारहस्य (ज्ञान खण्ड - महर्षि दत्तात्रेय-परशुराम संवाद सान्वय सटीक)

त्रिपुरारहस्य (ज्ञान खण्ड - महर्षि दत्तात्रेय-परशुराम संवाद सान्वय सटीक)

Tripura Rahasya Jnana Khanda with Hindi Commentary

महर्षि दत्तात्रेय / भगवान् परशुराम द्वारा

DevanagariHindipublished404 पृष्ठ

पृष्ठ 383, कुल 404 में से

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पृष्ठ 383

शुद्धिपत्रम् पृष्ठ भाषा पंक्ति अशुद्ध शुद्ध ३ संस्कृत ७ हर्षो नायत्रोम- हर्षोऽमायत्रोम- ९ ,, ७ अहोविचार- अहोऽविचार- १४ ,, ११ प्रष्टुं स्प्रष्टुं १७ हिन्दी २ कुवन्नेवेह कुर्वन्नेवेह २१ संस्कृत ६ शीललदेहः शीतलदेहः ,, ,, १३ तदास्ति तदस्ति ४७ ,, ७ मपि मयि ४८ ,, ७ योषितो ऽन्यन्त- योषितोऽत्यन्त- ,, हिन्दी ५ पुनः पुनः पुनः ५३ संस्कृत १३ त्रानखण्डे ज्ञानखण्डे ६७ ,, १२ भुनक्त्यतिरां भुनक्त्यतितरां ७४ टिप्पणी अन्तिम श्रति श्रुति ८१ संस्कृत ,, प्रियाहँ प्रियाहं १०१ हिन्दी ६ अतिवृत्ति अनिवृत्ति १०३ ,, २ कम कर्म ,, ,, ७ बात नहीं हैं बात ऐसी नहीं है १०६ ,, २ स्थल स्थूल १०९ ,, १ साधन सैकड़ों साधन ११० ,, ५ "ऐसा "ऐसा- १११ संस्कृत ७ सुनिमल- सुनिर्मल- ११२ हिन्दी ६ असली असती ११३ संस्कृत ७ -विधौ -विधो ११८ हिन्दी ८ धनोपाजन धनोपार्जन १४१ संस्कृत १० -परायणताः -परायणाः १४६ हिन्दी अन्तिम सद्रप सद्रूप १४७ ,, ११ सान्यावस्था- साम्यावस्था- ,, ,, १२ भाव कारण ,, ,, १४ प्रश्यय प्रलय १४८ ,, अन्तिम परमेश्वरमें परमेश्वरने १४९ संस्कृत २ तथा यथा १५३ हिन्दी १२ अवस्थाथै अवस्थामें १५४ ,, अन्तिम मान भान

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