भारतकोश
त्रिपुरारहस्य (ज्ञान खण्ड - महर्षि दत्तात्रेय-परशुराम संवाद सान्वय सटीक)

त्रिपुरारहस्य (ज्ञान खण्ड - महर्षि दत्तात्रेय-परशुराम संवाद सान्वय सटीक)

Tripura Rahasya Jnana Khanda with Hindi Commentary

महर्षि दत्तात्रेय / भगवान् परशुराम द्वारा

DevanagariHindipublished404 पृष्ठ

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पृष्ठ 384

३७० त्रिपुरारहस्ये ज्ञानखण्डे पृष्ठ भाषा पंक्ति अशुद्ध शुद्ध १५८ हिन्दी ४ पदाथ पदार्थ १६१ संस्कृत ११ वर्तयिष्यामि वर्णयिष्यामि ” हिन्दी १४ तद्रूत तद्रूप १६८ ” अन्तिम मैं मैं समाधिमें १७३ ” ८ इत्यादि इन्द्र इत्यादि १८१ ” १५ महासेन महासेन १८६ ” १२ कसी किसी १८८ ” ४ यदि [ यदि १९२ संस्कृत ८ प्रष्टुं स्प्रष्टुं १९६ टिप्पणी २ उमे उसे २०३ हिन्दी २ चित्त और चित्त की ” ” अन्तिम चत् चित् २०९ ” ३ वचनों प्रवचनों २१३ ” २ तू अकेला तू आज अकेला २१९ ” ९ समझाते समझाये २२१ संस्कृत १ यथा यया २२५ टिप्पणी ३ श्रति श्रुति २२६ संस्कृत ३ पृथक्कृत्यं पृथक्कृत्य २४७ हिन्दी १० 'समाधियोंके समाधियोंके २४८ टिप्पणी १ श्रत श्रुत २५२ हिन्दी ७ ॥ ७४ ॥ ॥ ७५ ॥ २५४ ” ६ बश बस २५५ ” १० मे मेरे २५८ संस्कृत ८ ॰मुक्तो भवेद् ॰मुक्तोऽभवद् २६३ ” ११ ॰रूपस्य सकृत् ॰रूपस्यासकृत् २६५ ” ९ भावोदरगोऽभावो भावोदरगो भावो २६७ ” ११ दृष्टा सत्येन दृष्टासत्येन २६८ ” ५ चिरतो चिततो २७६ हिन्दी ६ तप तम २९९ ” १६ कामवासना कामादि वासनाएँ ३०५ ” १५ अन्यमनस्क अमनस्क ” ” अन्तिम निश्चित निश्चल ३०७ ” ५ पुल्लश्य पुलस्त्य ३०८ संस्कृत ११ विष्णुं नाभि- विष्णुनाभि- ३०९ ” १ विष्णुर्विधि विष्णुविधिः ” ” ४ श्रद्धया युताः श्रद्धयाऽयुताः ३१२ हिन्दी २ तत्परा तत्पर