भारतकोश
वैदिक गणित: १६ सूत्र

वैदिक गणित: १६ सूत्र

Vaidik Ganit: 16 Sutra

जगद्गुरु स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Vaidik Ganit 16 Sutras Compilation · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

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उपसूत्र

अन्ययोरिव - अन्तिम पद से ही

यह सूत्र उन समीकरणों को सरल करने में प्रयुक्त होता है, जिनके बायें पक्ष में अन्तिम पदों ( स्वतंत्र पदों) को छोड़कर अंश तथा हर का अनुपात वही होता है, जो दायें पक्ष के पूरे अंश तथा हर का होता है। इसे अन्ययोरिव अर्थात् अन्तिम पदों के अनुपात द्वारा आसानी से हल किया जा सकता है।

जैसे -

1. \quad \frac{x^2 + x + 2}{x^2 + 2x + 5} = \frac{x + 1}{x + 2}

\text{सूत्रानुसार - } \frac{x^2 + x}{x^2 + 2x} = \frac{x(x+1)}{x(x+2)} = \frac{x+1}{x+2}

\text{अतः} \quad \frac{x + 1}{x + 2} = \frac{2}{5}

5x + 5 = 2x + 4

5x - 2x = 4 - 5

3x = -1

x = -1/3

उत्तर

सबसे पहले दोनों तरफ की समीकरण को समान बनाया फिर उसे स्वतंत्र पद के बराबर रख दिया। जिससे x का मान निकल गया।

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