भारतकोश
वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)

वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)

Vaidik Shiksha Paddhati and Gurukul System

डॉ. भास्कर मिश्र द्वारा

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प्रो० महावीर उपाध्यक्ष अध्यक्ष, संस्कृत विभाग उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी आचार्य एवं उपकुलपति संस्कृत भवन गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग हरिद्वार ज्वालापुर, हरिद्वार पत्रांक.................. दिनांक- 16-7-2011

मनोगतम्

वैदिक एवं लौकिक संस्कृत साहित्य गंगा में सतत अवगाहन करने से उभयविध वाङ्गमय मे परम निष्णात, गोकुलदास स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, मुरादाबाद की पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष एवं प्राचार्या डॉ० अन्नपूर्णा मिश्रा द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की बृहद्- शोध-परियोजना के अन्तर्गत 'वैदिक वाङ्गमय में राष्ट्रिय एकता और अखण्डता' शीर्षक से कृत कार्य का अवलोकन कर मुझे अपार हर्ष हो रहा है। इस बृहद् शोध कार्य में डॉ० अन्नपूर्णा जी का वैदुष्य, चिन्तनशीलता, गवेषणात्मकता तथा लेखन नैपुण्य का मञ्जुल समन्वय निश्चित ही आनन्दित करने वाला है। भाषा पर आपका असाधारण अधिकार है, विषयानुकूल भाषा के प्रयोग से ग्रन्थ चित्ताकर्षक हो गया है। हम भारतीयों का यह दृढ़ विश्वास है कि संसार का समस्त ज्ञान-विज्ञान एवं विविध विद्यायें वेदों में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में विद्यमान हैं। 'वेदोऽखिलो धर्ममूलम्' का तथा- 'यः कश्चित् कस्यचित् धर्मः मनुना संप्रकीर्तितः। सः सर्वोऽभिहितो वेदे सर्वज्ञान मयो हि सः' का यही अभिप्राय है। युगों-युगों से भारतीय मनीषियों ने ज्ञान की विविध शाखाओं का पल्लवन वेदतरु की छाया में ही किया है। वर्तमान समय में देश की एकता और अखण्डता कैसे बनी रहे, यह बहुत बड़ा यक्ष प्रश्न है। राष्ट्र की अवधारण, राष्ट्रधारक प्रमुख तत्त्व, एकता और अखण्डता के उपाय, विश्वसाहित्य में यदि कहीं उदात्त रूप में प्राप्त होते हैं, तो वह वैदिक वाङ्गमय है। वैदिक संहिताओं, ब्राह्मण ग्रन्थों,

निवास २२ नन्द विहार, निकट अवधूत मण्डल आश्रम, पो० गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार 249404 दूरभाष-0133-228544, 9412918949, Email-mahavir_gkv@yahoo.co.in

CC-0. Gurukul Kangri Collection, Haridwar