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वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)

वैदिक शिक्षा पद्धति एवं गुरुकुल व्यवस्था (डॉ. भास्कर मिश्र - राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान)

Vaidik Shiksha Paddhati and Gurukul System

डॉ. भास्कर मिश्र द्वारा

DevanagariHindipublished353 पृष्ठ

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Digitized by Arya Samaj Foundation Chennai and eGangotri आरण्यकों एवं उपनिषदों में राष्ट्र की एकता एवं अंखण्डता के प्रतिपादक एवं परिपोषक अनेक सन्दर्भ प्राप्त होते हैं। परम विदुषी प्रो० अन्नपूर्णा जी ने अत्यन्त परिश्रम, योग्यता, श्रद्धा एवं निष्ठापूर्वक वेदोद्यान से चुने हुए सुन्दर पुष्पों का स्तबक पाठकों को उपायन के रुप में समर्पित किया है। अनेक विदेशी विद्वान् तथा उनके उच्छिष्ट भोजी भारतीय विद्वान् राष्ट्र विषयक चिन्तन पश्चिम की देन मानते हैं, डॉ० अन्नपूर्णा जी ने अपने विशद चिन्तन से इस भ्रमित धारणा का सप्रमाण निराकरण किया है। इस बृहद् शोध ग्रन्थ में गवेषिका का प्रौढ़-वैदुष्य पदे-पदे परिलक्षित होता है। मुझे यह विश्वास है कि आज संपूर्ण विश्व में आतंकवाद, प्रान्तवाद, सम्प्रदायवाद, भ्रष्टाचार एवं अनाचर का जो बीभत्स रुप दिखाई दे रहा है, उसका समाधान इस ग्रन्थरत्न के माध्यम से हो सकेगा। डॉ० अन्नपूर्णा जी के निर्देशन में अनेक छात्राओं ने शोध कार्य कर पी-एच०डी० उपाधि प्राप्त की है। अनेक राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से आप सम्मानित है। एक उच्चकोटि की लेखिका, आचार्या एवं मानवीय गुणों से ओतप्रोत कुशल प्राचार्या के रुप में आपकी ख्याति है। मैं इस उत्तम ग्रन्थ लेखन के लिये डॉ० अन्नपूर्णा जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। शोध कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं एवं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आपको स्वस्थ, धवल कीर्तियुक्त शत वर्षीय जीवन तथा सब प्रकार के सुख सौभाग्य प्राप्त हों और आप इसी प्रकार वैदिक वाङ्मय की एवं मानवता की सतत सेवा करती रहें। मंगलाभिलाषी (प्रो० महावीर) आचार्य एवं उपकुलपति गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार एवं उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी निवास २२ नन्द विहार, निकट अवधूत मण्डल आश्रम, पो० गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार 249404 दूरभाष-0133-228544, 9412918949, Email-mahavir_gkv@yahoo.co.in CC-0. Gurukul Kangri Collection, Haridwar