वैराग्य शतक

वैराग्य शतक
Vairagya Shatak
भर्तृहरि (टीकाकार: हरिदास वैद्य) द्वारा
स्रोत: 1925 Haridas Vaidya edition · Haridas And Co., Kolkata / Digital Library of India · 1925 (उद्गम)
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वराभ्यशतक
तपस्वी स्त्रीपर मुग्ध होकर जबरदस्ती उसके घरमें घुसने लगा। स्त्रीने द्वार बन्द करना चाहा और ऋषिने सिर अड़ा कर घुसना चाहा। स्त्री ने जोर से द्वार बन्द करने की चेष्टा की; इससे ऋषिका सिर कट गया।
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Popular Press, Calcutta.