भारतकोश
वैराग्य शतक

वैराग्य शतक

Vairagya Shatak

भर्तृहरि (टीकाकार: हरिदास वैद्य) द्वारा

स्रोत: 1925 Haridas Vaidya edition · Haridas And Co., Kolkata / Digital Library of India · 1925 (उद्गम)

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वैराग्यशतक २

पञ्जाबी भगवत् प्रसंग और महालियों की समग्र संख्या का भाषा तोड़ में देख कर पाठना जाय करने हैं :