भारतकोश
वैराग्य शतक

वैराग्य शतक

Vairagya Shatak

भर्तृहरि (टीकाकार: हरिदास वैद्य) द्वारा

स्रोत: 1925 Haridas Vaidya edition · Haridas And Co., Kolkata / Digital Library of India · 1925 (उद्गम)

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महाराजाधिराज भुतुहरी

महाराजाधिराज भुतुहरी "अमरकल" जैसे अलकस्य कलाओं, अलकस्य आकर, आपनी प्यारी रानी पिंगला को देते हैं।

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