भारतकोश
वैशेषिक दर्शन (कणाद सूत्र व हिन्दी भाष्य सहित)

वैशेषिक दर्शन (कणाद सूत्र व हिन्दी भाष्य सहित)

Vaisheshika Darshana with Hindi Bhashya

महर्षि कणाद द्वारा

स्रोत: स्वामीमेशिन यन्त्रालय · स्वामीमेशिन यन्त्रालय (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished160 पृष्ठ

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दशमाऽध्याय २ आह्निक १४५ ३७३-तद्वचनादाम्नायस्य प्रामाण्यम् ॥ १० ॥ (तद्वचनात्) उस वेदप्रकाशक ऋषि (एक मात्र ऋषि=परमात्मा) के उपदिष्ट होने से (आम्नायस्य) वेद भगवान् का (प्रामाण्यम्) स्वतः प्रामा- ण्य है ॥ १० ॥ समवायी असमवायी और निमित्त कारणों और कार्यों की परीक्षा और वेदों का प्रामाण्य इस द्वितीय आह्निक में कहा गया ॥ इति दशमाध्यायस्य द्वितीयमाह्निकम् ॥ २ ॥ इति दशमाऽध्यायः ॥ १० ॥ समाप्तं चेदं वैशेषिकदर्शनम् इति श्री तुलसीराम स्वामिकृते वैशेषिकदर्शनभाषानुवादे सभाष्ये दशमोऽध्यायः ॥ १० ॥ १९