भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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...So the sutra starts with ती-ष-सह-... Wait, why does line 13 have a dot/repha? Look closely at line 13: ती ष (with a line?) स (with repha? No, it's तीष्स...? No, तीषसह...) Wait, between ह and रु: ह्लु (hlu) Wait, is there an anusvara on ह: तीषसह्लुं...? No, it's a smudge or accent! Let's look at 7.2.48: तीषसह्लुद्दारुषरिषः / तीषसह्लुहरुषरिषः. The standard Paninian sutra is: तीषसह्लुहरुषरिषः (7.2.48). Let's print:तीषसह्लुहरुषरिषः । ७ । २ । ४८ ॥`

Line 14: इच्छत्यादेः परस्य तांदेरार्धधातुकस्येड्वा स्यात् ॥ रोषिता । रोष्टा । रोषिष्यति । रेप्सिता । रेष्टा । Wait, "तांदेरार्धधातुकस्येड्वा स्यात्"? Or "तादेरार्धधातुकस्येड्वा स्यात्"? Look at line 14: "तांदेरार्धधातुकस्येड्वा स्यात्" - look at तांदेः! Wait, in footnote 7,