भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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? No, 'चर्चापारः' or 'प्रत्याख्यातः'? Wait, in Mahabhashya: "तथा च भाष्ये तृजादिषु वर्तमानकालोपादानं कर्तव्यम्? न कर्तव्यम्, अन्येषां प्रत्ययानां कालमात्रे दर्शनात् प्रत्याख्यातः / प्रत्याख्यातं"? Wait! Let's read the characters in line 34: च - र् - त् - त - ा - रः? Wait, first letter is व or च? It's 'व': व - र् - त्त - ा - र - ः? No! Wait: First letter: looks like 'च' Second: 'र्' on top, 'त्त' or 'च्च'? Wait, look at line 34: First word of line 34: च - र् - च् - ा - प - ा - रः? No, look at the word: "चर्चापारः” इत्युक्तम् ॥" Wait, then the next sentence: ““अन्येषाम्” इत्यस्य । ण्वुल्तृज्व्यतिरिक्तानामित्यर्थः ।" Ah! "चर्चापारः" or something else? Wait, what is that word in line 34? Let's look at each glyph: Letter 1: च Letter 2: र्चा (च with repha and a-kar) Letter 3: प Letter 4: