भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

पृष्ठ 539, कुल 835 में से

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shape. The letter before र्थ is: का! Wait, is it आकार्थ? आकार-अर्थ? अनुदकविषयादाकारार्थप्रतिपादकात्? Wait, what does उदङ्क mean? उदङ्कः = चमसो वा काष्ठमयं भाण्डम्, चर्ममयं भाण्डम्. Wait, could it be कुण्डार्थ? Could it be कूपार्थ? Let's check Balamanorama or Tattvabodhini on उदङ्कोऽनुदके (3.3.123)! Let's recall Tattvabodhini on "उदङ्कोऽनुदके": "उदङ्क इति। उदच्यते अनेन इति उदङ्कः। अनुदकविषयात्..." Wait! What does Balamanorama say? "उदङ्कोऽनुदके । ... अनुदकविषयादञ्चतेः अधिकरणे घञ् कुत्वं च निपात्यते ।" Wait! "अनुदकविषयादञ्चतेः"! Does it say: अनुदकविषयादञ्चतेरधिकरणे? LOOK AT THE IMAGE AGAIN! अ नु द क वि ष या Then what is the next letter? Could it be with something? No, look: `

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