वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
DevanagariHindipublished835 पृष्ठ
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( १२ ) अष्टाध्यायी- लोहितादिडाज्भ्यः क्यष् ॥ १३ ॥ कष्टाय क्रमणे ॥ १४ ॥ कर्मणो रोमन्थतपोभ्यां वर्ति- चरोः ॥ १५ ॥ बाष्पोष्मभ्यामुद्वमने ॥ १६ ॥ शब्दवैरकलहाभ्रकण्वमेघेभ्यः करणे ॥ १७ ॥ सुखादिभ्यः कर्तृवेदनायाम् ॥ १८ ॥ नमोवरिवश्चित्रङः क्यच् ॥ १९ ॥ पुच्छभाण्डचीवरा- ण्णिङ् ॥ २० ॥ १ ॥ मुण्डमिश्रश्लक्ष्णलवणव्रतवस्त्रहलकलकृततूस्तेभ्यो णिच् ॥ २१ ॥ धातोरेकाचो हलादेः क्रियासमभिहारे यङ् ॥ २२ ॥ नित्यं कौटिल्ये गतौ ॥ २३ ॥ लुप- सदचरजपजभदहदशगृभ्यो भावगर्हायाम् ॥ २४ ॥ सत्यापपाशरूपवीणातूलश्लोकसेनालोमत्व- च्वर्मवर्णचूर्णचुरादिभ्यो णिच् ॥ २५ ॥ हेतुमति च ॥ २६ ॥ कण्डादिभ्यो यक् ॥ २७ ॥ गुपूधूपविच्छिपणिपनिभ्य आयः॥२८॥ ऋतेरीयङ् ॥