भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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अचो यत् ॥ ९७ ॥ पोरदुपधात् ॥ ९८ ॥ शकिसहोश्च ॥ ९९ ॥ गदमदचरयमश्चानुपसर्गे ॥ ॥ १०० ॥ ५ ॥ अवद्यपण्यवर्या गर्ह्यपणितव्यानिरोधेषु ॥ १०१ ॥ वर्यं करणम् ॥ १०२ ॥ अर्यः स्वामिवैश्ययोः ॥ १०३ ॥ उपसर्गात्काल्या प्रजने ॥ १०४ ॥ अजर्यं सङ्गतम् ॥ १०५ ॥ वदः सुपि क्यप् च ॥ १०६ ॥ भुवो भावे ॥ १०७ ॥ हनस्त च ॥ १०८ ॥ एतिस्तुशास्वृहजुषः क्यप् ॥१०९॥ ऋदुपधाच्चाक्लृपि चृतेः ॥ ११० ॥ ई च खनः ॥ १११ ॥ भृञोऽसंज्ञायाम् ॥ ११२ ॥ मृजेर्विभाषा ॥ ११३ ॥ राजसूयसूर्य- मृषोद्यरुच्यकुप्यकृष्टपच्याव्यथ्याः ॥ ११४ ॥ भिद्योद्धौ नदे ॥ ११५ ॥ पुष्यसिद्धौ नक्षत्रे ॥ ॥ ११६ ॥ विपूयविनीयजित्या मुञ्जकल्कहलिषु ॥ ११७ ॥ प्रत्यपिभ्यां ग्रहः छन्दसि ॥ ॥ ११८ ॥