वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १६ ) अष्टाध्यायी- क्रियार्थायाम् ॥ १० ॥ भाववचनाश्च ॥ ११ ॥ अण् कर्मणि च ॥ १२ ॥ लुट् शेषे च ॥ ॥ १३ ॥ लुटः सद्वा ॥ १४ ॥ अनद्यतने लुट् ॥ १५ ॥ पदरुजविशस्पृशो घञ् ॥ १६ ॥ ॥ स्थिरे ॥ १७ ॥ भावे ॥ १८ ॥ अकर्तरि च कारके संज्ञायाम् ॥ १९ ॥ परिमाणाख्यायां सर्वेभ्यः ॥ २० ॥ १ ॥ इडश्च ॥ २१ ॥ उपसर्गे रुवः ॥ २२ ॥ समि युद्रुदुवः ॥ २३ ॥ श्रिणीभुवोऽनुपसर्गे ॥ २४ ॥ वौ क्षुश्रुवः ॥ २५ ॥ अवोदोर्नियः ॥ २६ ॥ प्रे द्रुस्तुस्रुवः ॥ २७ ॥ निरभ्योः पूल्वोः ॥ २८ ॥ उन्न्योर्ग्रः ॥ २९ ॥ कॄ धान्ये ॥ ३० ॥ यज्ञे समि स्तुवः ॥ ३१ ॥ प्रे ख्रोऽयज्ञे ॥ ३२ ॥ प्रथने वावशब्दे ॥ ३३ ॥ छन्दो नाम्नि च ॥ ३४ ॥ उदि ग्रहः ॥ ३५ ॥ समि मुष्टौ ॥ ३६ ॥ परिन्योर्नीण