भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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( २२ ) अष्टाध्यायी- योद्धृभ्यः ॥ ५६ ॥ तदस्यां प्रहरणमिति क्रीडायां णः ॥ ५७ ॥ घञः सास्यां क्रियेति ञः ॥ ॥ ५८ ॥ तदधीते तद्वेद ॥ ५९ ॥ ऋतुकथादिसूत्रान्ताड्ढक् ॥ ६० ॥ ३ ॥ क्रमादिभ्यो वुन् ॥ ॥ ६१ ॥ अनुब्राह्मणादिनिः ॥ ६२ ॥ वसन्तादिभ्यष्ठक् ॥ ६३ ॥ प्रोक्ताल्लुक् ॥ ६४ ॥ सूत्राच्च कोपधात् ॥ ६५ ॥ छन्दोब्राह्मणानि च तद्विषयाणि ॥ ६६ ॥ तदस्मिन्नस्तीति देशे तन्नाम्नि ॥ ६७ ॥ तेन निर्वृत्तम् ॥ ६८ ॥ तस्य निवासः ॥ ६९ ॥ अदूरभवश्च ॥ ७० ॥ ओरञ् ॥ ७१ ॥ मतोश्च बह्वजङ्गात् ॥ ७२ ॥ बह्वचः कूपेषु ॥ ७३ ॥ उदक्च विपाशः ॥ ॥७४॥ संकलादिभ्यश्च ॥ ७५ ॥ स्त्रीषु सौवीरसालप्रक्षु ॥ ७६ ॥ सुवास्त्वादिभ्योऽण् ॥७७॥ रोणी ॥ ७८ ॥ कोपधा