भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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च ॥ ११७ ॥ समुद्रादभ्राद्घः॥ ११८ ॥ बर्हिषि दत्तम् ॥ ११९ ॥ दूतस्य भागकर्मणि ॥ ॥ १२० ॥ ६ ॥ रक्षोयातूनां हननी ॥ १२१ ॥ रेवतीजगतीहविष्याभ्यः प्रश- स्ये ॥ १२२ ॥ असुरस्य स्वम् ॥ १२३ ॥ मायायामण् ॥ १२४॥ तद्वाना- सामुपधानो मन्त्र इतीष्टकासु लुक् च मतोः ॥ १२५ ॥ अश्विनोदण् ॥ १२६ ॥ वयस्यासु मूर्ध्नो मतुप् ॥ १२७ ॥ मत्वर्थे मासतन्वोः ॥ १२८ ॥ मधोर्ज च ॥१२९॥ ओज- सोऽहनि यत्खौ ॥१३०॥ वेशोयशआदेर्भगान्ण्वुल् ॥१३१॥ ख च ॥१२२॥ पूर्वैः कृतमिनयौ च ॥१३३॥ अद्भिः संस्कृतम् ॥१३४॥ सहस्रेण संमितौ घः ॥१३५॥ मतौ च ॥ १३६ ॥ सोममर्हति यः ॥ १३७॥ मये च ॥ १३८॥ मधोः ॥१३९॥ वसोः समूहे च ॥१४०॥७॥ नक्षत्राद्घः