वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
DevanagariHindipublished835 पृष्ठ
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(४८) अष्टाध्यायी- अनुपसर्गात्फुल्लक्षीवकृशोल्लाघाः ॥ ५५ ॥ नुदविदोन्दत्राग्राहीभ्योऽन्यतरस्याम् ॥ ५६ ॥ न ध्याख्यापूमूर्च्छिमदाम् ॥ ५७ ॥ वित्तो भोगप्रत्यययोः ॥ ५८ ॥ भित्तं शकलम् ॥ ५९ ॥ ऋणमाधमर्ण्ये ॥ ६० ॥ ३ ॥ नसत्तनिषत्तानुत्तप्रतूर्तसूर्तगूर्तानि च्छन्दसि ॥ ६१ ॥ क्तिन्प्र- त्ययस्य कुः ॥ ६२ ॥ नशोर्वा ॥ ६३ ॥ मो नो धातोः ॥ ६४ ॥ म्वोश्च ॥ ६५ ॥ सस- जुषो रुः ॥ ६६ ॥ अवयाः श्वेतवाः पुरोडाश्च ॥ ६७ ॥ अहन् ॥ ६८ ॥ रोऽसुपि ॥ ६९ ॥ अम्रूरूधरवरित्युभयथा छन्दसि ॥ ७० ॥ भुवश्च महाव्याहृतेः ॥ ७१ ॥ वसुसंसुध्वंस्वनडुहां दः ॥ ७२ ॥ तिप्यनस्तेः ॥ ७३ ॥ सिपि धातो रुर्वा ॥ ७४ ॥ दश्च ॥ ७५ ॥ र्वोरुप- धाया दीर्घ