भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

पृष्ठ 680, कुल 835 में से

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ित? No! In Arsaadi: अर्शस्, उरस्, तुन्द, चतुर, पलित, जटा, घटा... Is itपलित? Look at the letters: , then लि, then ! Wait! +लि+=पलित! It has an i-matra on : पलित! Not पण्डित! Look closely: , then लि(the matra curves over), then . It is 100% पलित! And then: जटा वटा घटा`!

*   **Line 28:**
    *   `अभ्र अघ कर्दम अम्ललवण । स्वाङ्गाद्धीनात् । वर्णात् । इत्यर्शआदिः । आकृतिगणः ॥४०॥`
    *   Wait, is it `इत्यर्शआदिः` or `इत्यर्शआदिः`?
    *   Look at `इत्यर्शआदिः`: `इत्य` + `र्शा` (crossed with ink) + `दिः` -> `इत्यर्शआदिः` or `इत्यर्शादिः`?
    *   Wait, there is a pen mark crossing through it. The printed text is: `इत्यर्शआदिः` or `इत्यर्शादिः`?
    *