वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंधातुसूची । ( २ पृष्ठाङ्काः धातवः | पृष्ठाङ्काः धातवः | पृष्ठाङ्काः धातवः | पृष्ठाङ्काः धातवः २७८ मुडि | ३०४ मेह् | २७४ युति | २८१ रफ २८० मुडि | ३०४ मेघृ | २७५ युच्छ | २८२ रफि ३४२ मुण | ३०४ मेथ् (पा.) | ३३४ युज | २८१ रबि २६८ मुद् | २८१ मे | ३५९ युज | ३११ रम ३५८ मुद् | २८७ मेतृ | ६ युजिर् | २८१ रभि (पा.) ३४३ मुर | ३५८ मोक्ष | ३५० युज् | ३०३ रसु २७५ मुर्च्छा | ३०७ म्ना | २६१ | २८७ रय २८९ मुर्ती | २९३ म्रक्ष (पा.) | ३१४ युध | २९० रवि ३५२ मुष | ३५६ म्रक्ष | ३३७ युप | २९४ रस ३३७ मुस | २९८ म्रद | ३३७ युष (पा.) | ३६४ रस ३५५ मुस्त | २७५ म्रुचु | २०१ यूष | २९५ रह ३३६ मुह | २७५ म्रुञ्चु | २७९ यौट् | ३५५ रह ३१० मूङ् | २७९ म्रेड् | ३५८ रक | ३६० रह ३६२ मूत्र | २७५ म्लुचु | २९३ रक्ष | २९५ रहि २८९ मूल | २७५ म्लुञ्चु | २७३ रख | ३५८ रहि ३५४ मूल | २७५ म्लेच्छ | २७३ रखि | ३२४ रा २९३ मूष | ३५६ म्लेच्छ | ३५८ रग (पा.) | २७३ राख २९३ मूक्ष | २७९ म्लेद् | २७३ रगि | २७३ राघ् ३६२ मृग | २८७ म्लेतृ | २९९ रगे | ३०२ राज् ३४४ मृङ् | ३०७ म्लै | ३५८ रघ (पा.) | ३३४ राध ३६० मृज् | ३५६ यक्ष | २७३ रघि | ३३९ राध ३२५ मृज् | ३१४ यज | ३५८ रघि | २९१ रास् ३४२ मृड | ३५८ यत | ३६१ | ३४४ रि ३५१ मृड | २६९ यती | ३१४ रञ्ज | ३४० रि ३४२ | ३५३ यत्रि | ३३४ रञ्ज | २७३ रिख (पा.) ३५१ मृद् | ३१२ यभ | २७९ रट | २७३ रिंगि ३०४ | ३१३ यम | २८० रट | ३५९ रिच ३४५ | ३०१ यम | २८० रठ (पा.) | ३४६ रिचिर् ३३४ | ३५५ यम | २८५ रण | ३४२ रिफ्र ३६० मृष | ३३६ यसु | २९९ रण | २९० रिवि २९४ | ३२३ या | ३०१ रणि (पा.) | ३४५ रिश ३५० म | ३०४ (टु) याच् | २७१ रद | २९३ रिष ३१० मेड् | ३२० यु | ३३५ रध | ३३७ रिष ०४ मेथृ (पा.) | ३५७ यु | २८२ रुप | ३४२ रिह (पा.) | | | ३५० री