वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
पृष्ठ 88, कुल 835 में से
संदर्भ में पढ़ें!
Let's see how they are arranged:
Top: ऌ (or ॡ? Top is ऌ, bottom is ॡ with the long vowel hook!).
Wait, top: ऌ has the shape of ऌ.
Bottom: has the shape of ॡ (or ॡ).
So it's ऌ / ॡ representing both!
Then after that: "तु अनयोरनुकरणे प्रकृतिवदनुकरणमिति वैकल्पिकातिदेशाद् [ईत्त्वे"
Wait, look at footnote 4:
"४ वैकल्पिकेति ।। 'क्षियो दीर्घात्' इत्यत्र 'क्षियः' इति सुब्विभक्तिप्रयोजकप्रातिपदिकत्वं धातुत्वाभाव एव संभवत् प्रकृतिवत्त्वाभावं ज्ञापयति । इयडादेशो धातुत्त्व एव संभवन् प्रकृतिवत्त्वं ज्ञापयति इति भावः ।।"
And footnote 5:
"५ अयं कोष्ठकान्तर्गतपाठो हलन्तेषु यद्यप्युचितः तथापि समानप्रकृतित्वेन स्मृतिपथमागतत्वालिखितः ।। ईत्त्वे इति । अत एव 'किरश्च पञ्चम्यः' इति निर्देशः संगच्छते ।।"
In L25, at the very end, there is "[ईत्त्वे"!
The bracket '[' opens before 'ईत्त्वे'.
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