भारतकोश
वाक्यपदीयम्: ब्रह्मकाण्ड (भर्तृहरि - शब्दब्रह्म, स्फोट-सिद्धान्त एवं भाषा-दर्शन सटीक)

वाक्यपदीयम्: ब्रह्मकाण्ड (भर्तृहरि - शब्दब्रह्म, स्फोट-सिद्धान्त एवं भाषा-दर्शन सटीक)

Vakyapadiya Brahmakanda of Bhartrihari with Commentary

भर्तृहरि (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण शुक्ल) द्वारा

DevanagariHindipublished192 पृष्ठ

पृष्ठ 31, कुल 192 में से

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[ २ ] बालों को तर्क वाद से हटाया नहीं जा सकता, केवल अनुमान को प्रमाण मानने से धोखा अवश्य, तर्कों की अव्यवस्था और आगमों की श्रेष्ठता के कारण ही व्याकरण की रचना । कारिका ४४-५० (शब्द के दो भेद) शब्द के निमित्त (स्फोट) और प्रत्यायक (वैखरी) दो भेद, कार्यकारण में भेदवादियों का मत, कार्यकारण में अभेदवादियों का मत, निमित्त (स्फोट) विभिन्न ध्वनियों का कारण, स्फोट की एकता में भी विभिन्न ध्वनि की प्रतीति, अक्रम स्फोट की सक्रम प्रतीति स्थानजन्य है, नाद के धर्म का स्फोट में आरोपित होने का प्रकार, स्फोट की स्वप्रकाशता । कारिका ५१-५५ (शब्द में अनेक धर्म समावेश) शब्द के दोनों भेदों की उदाहरण द्वारा सिद्धि, शब्द का अर्थाभिधान प्रकार, शब्द की अर्थ की भाँति क्रियारूपता निषेध, शब्द की ग्राह्य और ग्राहक रूप में स्थिति । कारिका ५६-५७ (बोधकत्व निर्णय) ज्ञात शब्द ही बोधक, अज्ञात शब्द में बोधकत्व का निषेध । कारिका ५८-६९ (स्वं रूपं की दूसरी व्याख्या से जाति- व्यक्तिभेद की कल्पना) एक ही शब्द दो रूप में गृहीत होने पर कार्य में विरोध नहीं, उच्चरित शब्द कार्यभाक् नहीं, इसमें कारण, व्यक्तिसंज्ञापक्ष और व्यक्तिसंज्ञीपक्ष । कारिका ७०-७२ (मीमांसकों के मत से शब्द का एकत्व) शब्द के एकत्ववाद और नानात्ववाद की कल्पना, मीमांसकों के मत से शब्द की एकता का वर्णन, वर्ण के अतिरिक्त वाक्य और पद की अस्वीकृति । कारिका ७३-७४ (वैयाकरण मत से वाक्य का एकत्व और व्यवहार वैयाकरणों के मत से वाक्य का स्वरूप, पाणिनीय व्याकरण में एकत्व और नानात्ववाद में व्यवहार । कारिका ७५-७७ (स्फोट में प्राकृतध्वनि के भेद की ही प्रतीति) नित्य स्फोट में कालभेद नहीं फिर भी श्रुतिभेद की उपपत्ति, ध्वनि के दो भेद, प्राकृतध्वनिकाल का स्फोट में आरोप, श्रुतिभेद में वैकृतध्वनि कारण । कारिका ७८-८० (ध्वनि से स्फोट की प्रतीति) ध्वनियों से स्फोट की उपलब्धि में निमित्त बनने के लिए तीन मत । कारिका ८१-८४ (ध्वनि की अभिव्यक्ति में तीन मत) ध्वनि की अभिव्यक्ति में तीन मत । अन्यध्वनि की सहायता से स्फोट ग्रहण, उदाहरण, स्पष्टीकरण ।

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