भारतकोश
वराह पुराण

वराह पुराण

Varaha Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

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क्रमपृष्ठ-संख्याक्रमपृष्ठ-संख्या
और शिवलिङ्गकी पूजाका विधान३३४१६०- कर्मविपाक-निरूपण३६९
१५१- सृष्टि और श्राद्धकी उत्पत्ति-कथा एवं पितृयज्ञका वर्णन३३५१६१- दानधर्मका महत्त्व३७१
१५२- अशौच, पिण्डकल्प और श्राद्धकी उत्पत्तिका प्रकरण३४०१६२- पतिव्रतोपाख्यान३७४
१५३- श्राद्धके दोष और उसकी रक्षाकी विधि३४५१६३- पतिव्रताके माहात्म्यका वर्णन३७७
१५४- श्राद्ध और पितृयज्ञकी विधि तथा दानका प्रकरण३४८१६४- कर्मविपाक एवं पापमुक्तिके उपाय३७८
१५५- 'मधुपर्क' की विधि और शान्तिपाठकी महिमा३५३१६५- पाप-नाशके उपायका वर्णन३८१
१५६- नचिकेताद्वारा यमपुरीकी यात्रा३५६१६६- गोकर्णेश्वरका माहात्म्य३८४
१५७- यमपुरीका वर्णन३५८१६७- गोकर्णमाहात्म्य और नन्दिकेश्वरको वर-प्रदान३८७
१५८- यम-यातनाका स्वरूप३६११६८- गोकर्णेश्वर तथा जलेश्वरके माहात्म्यका वर्णन३९२
१५९- राक्षस-यमदूत-संघर्ष तथा नरकके क्लेश३६७१६९- 'गोकर्णेश्वर' और 'शृङ्गेश्वर' आदिका माहात्म्य३९८
१७०- वराहपुराणकी फल-श्रुति३९९

चित्र-सूची

सादे

नरकोंके दृश्य और उनके नाम—

नरकका नामपृष्ठ-संख्यानरकका नामपृष्ठ-संख्या
१- संदंश३६३६- महारौरव३६३
२- संतप्त३६३७- प्राणरोध३६४
३- असिपत्रवन३६३८- अवीचिमान३६४
४- कुम्भीपाक३६३९- अयःपान३६४
५- रौरव३६३१०- सूकरमुख३६४
११- शूलग्रह३६४
१२- सूर्मि३६४