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वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)

वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)

Vedanta Paribhasha Hindi

धर्मराजाध्वरीन्द्र द्वारा

स्रोत: Vedanta Paribhasha with Hindi Commentary by Pt. Gajanan Shastri Musalgaonkar (उद्गम)

DevanagariHindipublished482 पृष्ठ

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कहीं-कहीं विवरण बहुत लम्बा हुआ है परन्तु शास्त्रीय शब्दों से परिपूर्ण एवं वेदान्त जैसे कठिन विषय के प्रतिपादन में विस्तृत विवरणों की आवश्यकता होती ही है। कहीं-कहीं हिन्दी विवरण में अनेक स्थलों पर शंकाएँ उत्पन्न कर उनका समाधान भी अपने ढङ्ग से किया गया है, जिससे मूलग्रन्थ का अभिप्राय विशद रूप से समझने में सहायता मिलती है। इस प्रकार हिन्दी टीकाकार प्रा० श्री गजानन शास्त्री जी ने बड़ी योग्यता से अपना काम निभाया है, जिससे हिन्दी में वेदान्तपरिभाषा पर अच्छी टीका की जो कमी थी वह पूरी हो गयी है। इस ग्रंथ की सहायता से परीक्षार्थी छात्रों का एवं संस्कृत न जाननेवाले परन्तु वेदान्त में रुचि रखनेवाले जिज्ञासुओं का भी बड़ा उपकार होगा। छात्रों एवं जिज्ञासु जनता से मेरा अतिस्नेह सहित अनुरोध है कि वे इस ग्रन्थ को अपनाकर ग्रन्थ-कर्ता के परिश्रम को सफल करें।

अधिक आश्विन व० ६।२०२०<br>ता० ११ । १० । १९६३<br>वाराणसीश्रीमदनन्तशास्त्री फडके<br>व्या० आ०, मी० तीर्थ, वेदान्तकेसरी<br>भूतपूर्वं अध्यक्ष : इतिहास-पुराण-विभाग<br>वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय ।