वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)
Vedanta Paribhasha Hindi
धर्मराजाध्वरीन्द्र द्वारा
स्रोत: Vedanta Paribhasha with Hindi Commentary by Pt. Gajanan Shastri Musalgaonkar (उद्गम)
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( पृष्ठ : ३३८ )
रजोगुणविशिष्ट पंचभूतों के व्यतिक्रम से
│
कर्मेन्द्रियाँ
आकाशादि पांचों के सम्मिलित राजस् अंश से
│
वायुपंचक
( पृष्ठ : ३३९ )
स्थूल महाभूतों की उत्पत्ति
तमोगुणविशिष्ट अपञ्चीकृत ( सूक्ष्म ) भूत
│
( त्रिवृत्करणकृत ) पञ्चीकृतभूत ( स्थूल )
( पृष्ठ : ३४१ )
अपञ्चीकृतभूत
│
लिङ्ग ( सूक्ष्म ) शरीर
( पंचज्ञानेन्द्रिय + पंचकर्मेन्द्रिय + पंचप्राण + मन + बुद्धि )
┌────────────────────────┴────────────────────────┐
पर अपर
( हिरण्यगर्भ का ) ( हम लोगों का )
तमोगुणयुक्त पञ्चीकृत भूत
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ऊर्ध्वसप्तलोक सप्ताधोलोक चतुर्विधस्थूलशरीर
( पृष्ठ : ३४३ )
प्रलय
┌─────────────┬─────────────┬─────────────┐
नित्य प्राकृत नैमित्तिक आत्यन्तिक