भारतकोश
वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)

वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)

Vedanta Paribhasha Hindi

धर्मराजाध्वरीन्द्र द्वारा

स्रोत: Vedanta Paribhasha with Hindi Commentary by Pt. Gajanan Shastri Musalgaonkar (उद्गम)

DevanagariHindipublished482 पृष्ठ

पृष्ठ 472, कुल 482 में से

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पृष्ठ 472

४१४ वेदान्तपरिभाषा


( पृष्ठ : ३३८ )

रजोगुणविशिष्ट पंचभूतों के व्यतिक्रम से

कर्मेन्द्रियाँ
आकाशादि पांचों के सम्मिलित राजस् अंश से

वायुपंचक


( पृष्ठ : ३३९ )

स्थूल महाभूतों की उत्पत्ति
तमोगुणविशिष्ट अपञ्चीकृत ( सूक्ष्म ) भूत

( त्रिवृत्करणकृत ) पञ्चीकृतभूत ( स्थूल )


( पृष्ठ : ३४१ )

अपञ्चीकृतभूत

लिङ्ग ( सूक्ष्म ) शरीर
( पंचज्ञानेन्द्रिय + पंचकर्मेन्द्रिय + पंचप्राण + मन + बुद्धि )
┌────────────────────────┴────────────────────────┐
पर अपर
( हिरण्यगर्भ का ) ( हम लोगों का )


तमोगुणयुक्त पञ्चीकृत भूत
┌────────────────────────┼────────────────────────┐
ऊर्ध्वसप्तलोक सप्ताधोलोक चतुर्विधस्थूलशरीर


( पृष्ठ : ३४३ )

प्रलय
┌─────────────┬─────────────┬─────────────┐
नित्य प्राकृत नैमित्तिक आत्यन्तिक