भारतकोश
वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)

वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)

Vedanta Paribhasha Hindi

धर्मराजाध्वरीन्द्र द्वारा

स्रोत: Vedanta Paribhasha with Hindi Commentary by Pt. Gajanan Shastri Musalgaonkar (उद्गम)

DevanagariHindipublished482 पृष्ठ

पृष्ठ 473, कुल 482 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 473

चित्रपट-तालिका
४१५


( पृष्ठ ३५६ ) प्रतिबिम्बवाद ( अनेक जीववाद )
( संक्षेपशारीरककार ) चैतन्य
$$\begin{array}{c} \text{चैतन्य} \ \begin{array}{cc} \swarrow & \searrow \ \text{अविद्यात्मकमायाप्रतिबिम्बित} & \text{उपाध्यन्तःकरणप्रतिबिम्बित} \ \text{ईश्वर} & \text{जीव} \end{array} \end{array}$$
(बिना LaTeX के सरल रूप:)

                       ( संक्षेपशारीरककार ) चैतन्य
                                    |
          ┌─────────────────────────┴─────────────────────────┐
अविद्यात्मकमायाप्रतिबिम्बित                           उपाध्यन्तःकरणप्रतिबिम्बित
        ईश्वर                                               जीव

( विवरणकार ) बिम्ब चैतन्य ( ईश्वर )
$$\downarrow$$
( एक जीववाद के सिद्धान्त में ) उपाध्यविद्याप्रतिबिम्बव जीव


( पृष्ठ ३६० ) जीव की तीन अवस्थाएँ

                           जीव की तीन अवस्थाएँ
                                    |
          ┌─────────────────────────┼─────────────────────────┐
        जाग्रत्                   स्वप्न                    सुषुप्ति

( पृष्ठ ३६१ ) अन्तःकरणवृत्ति की आवश्यकता

                              अन्तःकरणवृत्ति
                                    |
          ┌─────────────────────────┴─────────────────────────┐
( एकमत ) आवरणाभिभवार्थं                               सम्बन्धार्थं ( दूसरा मत )

( पृष्ठ ३७१ ) जीवपरिमाणवाद

                              जीवपरिमाणवाद
                                    |
          ┌─────────────────────────┼─────────────────────────┐
      अणुपरिमाण                 मध्यपरिमाण             विभुपरिमाण ( सिद्धान्त )

( पृष्ठ ३८१ ) प्रयोजन

                                 प्रयोजन
                                    |
          ┌─────────────────────────┴─────────────────────────┐
        मुख्य                                                गौण
          |                                                   |
    ┌─────┴─────┐                                         अन्यतरप्राप्ति
   सुख       दुःखाभाव
    |
 ┌──┴──┐
सातिशय निरतिशय