वेदान्तसार (सदानन्द योगीन्द्र - विद्वन्मनोरञ्जनी व हिन्दी व्याख्या सहित)
Vedantasara of Sadananda with Hindi Commentary
सदानन्द योगीन्द्र द्वारा
स्रोत: चौखम्बा संस्कृत संस्थान · चौखम्बा संस्कृत संस्थान (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंविषयानुक्रमणिका (i) दो शब्द (ii) समर्पण (iii) विषयानुक्रमणिका (iv) भूमिका 1 (क) दर्शन से अभिप्राय 1 (ख) दर्शन का विकास 1 (ग) भारतीयदर्शन एक परिचय 2 (घ) वेदान्तदर्शन के मूल स्रोत 8 (ङ) उपनिषदों में वेदान्तदर्शन 9 (च) वेदान्तदर्शन के प्रमुख आचार्य (57) एवं उनके ग्रन्थ 11 बादरायण, आत्रेय, आश्मरथ्य, औडुलोमि, कार्ष्णाजिनि, काशकृत्स्न, जैमिनि, बादरि, भर्तृप्रपञ्च, भर्तृमित्र, भर्तृहरि, उपवर्ष, बौधायन, टङ्क, ब्रह्मनन्दी, ब्रह्मदत्त, भारुचि, द्रविड़, गौडपाद, गोविन्दपाद, शङ्कराचार्य, पद्मपाद, मण्डनमिश्र, सर्वज्ञात्ममुनि, वाचस्पतिमिश्र, श्रीकृष्णमिश्रयति, प्रकाशात्मयति, अद्वैतानन्द, श्रीहर्षमिश्र, आनन्दबोध, अमलानन्द, चित्सुखाचार्य, शङ्करानन्द, विद्यारण्यमुनि, आनन्दगिरि, प्रकाशानन्दाचार्य, मल्लनाराध्य, नृसिंहाश्रम, रंगराजाध्वरी, अप्पयदीक्षित, भट्टोजिदीक्षित, सदाशिव ब्रह्मेन्द्र, नीलकण्ठ सूरि, सदानन्द योगीन्द्र, नृसिंह सरस्वती, रामतीर्थ, आपदेव, मधुसूदन सरस्वती, धर्मराज अध्वरीन्द्र, गोविन्दानन्द, रामानन्द सरस्वती, सदानन्द यति, ब्रह्मानन्द सरस्वती, अच्युत कृष्णानन्द, महादेव सरस्वती, सदाशिवेन्द्र सरस्वती, आयन्नदीक्षित। (छ) वेदान्तदर्शन के प्रमुख सिद्धान्त 44 (1) ब्रह्म 44 (2) आत्मा 48 (3) अज्ञान/माया 49 (4) अज्ञान के भेद 52