भारतकोश
विक्रमाङ्कदेवचरितम् (कल्याणी चालुक्य साम्राज्य इतिहास - सटीक)

विक्रमाङ्कदेवचरितम् (कल्याणी चालुक्य साम्राज्य इतिहास - सटीक)

Vikramankadeva Charitam of Bilhana with Commentary

महाकवि बिल्हण / पं. विश्वनाथ शास्त्री द्वारा

DevanagariSanskritpublished493 पृष्ठ

पृष्ठ 487, कुल 493 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 487

( १२ ) पृष्ठ पृष्ठ “ष” स विक्रमेणाद्भुत ... १५१ षट्पदध्वनिभिराकुलीकृत ... २८९ स व्यसर्जयदथ ... २८४ स शङ्कातङ्कमासाथ ... २२६ “स” सशब्दवाञ्चीमणि ... १३५ सत्रान्तभृङ्गोपदपक्ति ... ४३५ स सर्वमावर्ज्य रिपुप्रमाथी ... ४११ सन्नद्ध माधवीना मधु ... ४५९ स सोमवक्त्रेन्नवकोर ... १२७ सबलमपि विदन्ति हन्त ... ३६४ स सौकुमार्यैवपने ... ११९ सतीव निखिलैस्तस्य ... २१० सस्नेहमङ्के विनिवेश्य ... १७९ सङ्क्रादजल वनदेवताना ... ४३० सह विभवभरेण तत्र ... ३४३ स जातु जातुषी मेने ... २६९ सहस्रश शम्भु विशारदाना ... ११ स तत्क्षणात्परिम्लान ... २२९ स हेमवृष्टि महती ... १२९ स तु शपथशतै प्रपद्य सर्व ... ३८४ सहोदरा कुङ्कुमकेसराणा ... १७ स दिग्बलममालोड्य ... २६३ सान्द्रन्दमिति चान्यच्च ... २५९ स धीरमुर्व्वीन्दुरधीरलोचना ... ११४ सान्द्रचन्दननिस्यन्द ... २०९ सन्धिवन्धमवलोक्य ... ३२२ सान्द्रा मुद यच्छतु ... ५ सन्ध्यासमाधौ भगवास्थितो ... ३१ साम्राज्यलक्ष्मीदयित ... १८४ सपदि न शुभमस्ति ... ३८६ साहित्यपायोनिधि ... ९ सुपीडयन्नायसपञ्जर ... १६१ सिन्धुतीरनिलया ... १३२ समजति भस्मनेखला ... ३५० सुगन्धिभि स्वाम ... ४३४ समर्प्यमाणाद्भुतकौसुमा ... ४४८ सुतद्वय ते निज ... १२४ समारूढोहोपरि पादपाना ... ४३६ सुधाकर यार्धन्त ... २८ स मालवेन्दु चरण ... १९६ सुभटशतनिशात ... ३६१ समुच्छलन्मौक्तिक ... ९७ सुरप्रसूनान्यपतन् ... १४६ समुद्रवेला रतिरत्न ... १०३ सुवर्णनिर्माणमभेद्य ... ४० स यौवराज्यश्रियमश्रितस्व ... १९० सौन्दर्यनिन्दीवर ... ४२४ सरोजिनीव हंसेन ... २६० स्थितस्य गर्भे प्रभयेव ... १२८ सर्वत श्रवणभैरव ... ३२४ स्नानसक्तपरिवार ... २९२ सर्वस्वदानमालोक्य ... २२८ स्फूर्जद्यशोहंसविलास ... ५५ सर्वांसु नियासु किमप्य ... १६९ स्मरप्रशस्तिप्रति ... ९९ सलीलमङ्गीकृत ... ४३८ स्मरस्य यन्नाद्भुत ... १०२