विक्रमाङ्कदेवचरितम् (कल्याणी चालुक्य साम्राज्य इतिहास - सटीक)

विक्रमाङ्कदेवचरितम् (कल्याणी चालुक्य साम्राज्य इतिहास - सटीक)
Vikramankadeva Charitam of Bilhana with Commentary
महाकवि बिल्हण / पं. विश्वनाथ शास्त्री द्वारा
DevanagariSanskritpublished493 पृष्ठ
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( १३ ) पृष्ठ पृष्ठ स्व सुन्दरीबन्दि ... ४१ क्षपाकर कातररश्मि ... ९० स्वभावादाद्रेभावेन ... २४७ क्षपामुखेषु प्रतिबिम्बित ... १३७ स्वयं समाधास्यति ... १८८ क्षिप्ता मुकुटमाणिक्य ... २३६ स्वाभाविकादुष्ण ... ७५ क्षुण्णास्तत्करिभिस्तोय ... २१३ क्षोणिरेणुमियत ... ३२६ “ह” क्ष्माभृत्कुलानामुपरि ... ४४ हराहवे पञ्चशर विमुच्य ... ४५१ हस्तादपीगाढगृहीत ... ४३० “त्र” हृदि विहितपदेन शुद्ध ... ३५२ त्रिलोकक्ष्म्येव सलील ... १४१ हेमाचलस्येव कृत ... ४३ त्रिलोकवीर कियतो विजिग्ये ... १९७ “क्ष” “ज्ञ” क्षणमुदचलदुच्चलत् ... ३९७ ज्ञातास्वाद स्वयं लक्ष्म्या ... २६९ क्षणाद्विगलितार्नघ्यं ... २२३ ज्ञात्वा विधातुश्चुलुकारप्रसूति ... २९