विष्णु पुराण

विष्णु पुराण
Vishnu Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariHindipublished558 पृष्ठ
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| श्लोकाः | अंशा० | अध्या० | श्लो० | श्लोकाः | अंशा० | अध्या० | श्लो० |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ततो निर्भर्त्स्य कौन्तेयः | ... | ५ | ३८ | १९ | ततोऽन्यदन्नमादाय | ... | ३ |
| ततो वायुर्विकुर्वाणः | ... | १ | २ | ४० | ततोऽन्यानि ददौ तस्मै | ... | १ |
| ततो यष्टिप्रहरणाः | ... | ५ | ३८ | १८ | ततो यथाभिलषिता | ... | १ |
| ततो लोभस्समभवत् | ... | ५ | ३८ | १३ | ततो ननाश त्वरिता | ... | १ |
| ततोऽर्जुनः प्रेतकार्यम् | ... | ५ | ३८ | ५ | ततो गुरुगृहे बालः | ... | १ |
| ततोऽर्घ्यमादाय तदा | ... | ५ | ३७ | ५६ | ततो विलोक्य तं स्वस्थम् | ... | १ |
| ततो बलेन कोपेन | ... | ५ | ३६ | १९ | ततो भगवता तस्य | ... | १ |
| ततो विध्वंसयामास | ... | ५ | ३६ | ५ | ततो दैत्या दानवाश्च | ... | १ |
| ततो निर्यातयामासुः | ... | ५ | ३५ | ३५ | ततो रात्रिः क्षयं याति | ... | २ |
| ततो विदारिता पृथ्वी | ... | ५ | ३५ | २१ | ततो राज्यद्युतिं प्राप्य | ... | १ |
| ततो ज्वालाकरालास्या | ... | ५ | ३४ | ३३ | ततो मनुष्याः पशवः | ... | १ |
| ततो हाहाकृते लोके | ... | ५ | ३४ | २५ | ततो विवस्वानाख्याते | ... | ३ |
| ततो बलेन महता | ... | ५ | ३४ | १५ | ततो व्यासो भरद्वाजः | ... | ३ |
| ततोऽनिरुद्धमारोप्य | ... | ५ | ३३ | ५२ | ततोऽत्र मत्सुतो व्यासः | ... | ३ |
| ततोऽर्कशतसङ्घात० | ... | ५ | ३३ | ३५ | ततोऽनन्तरसंस्कार० | ... | ३ |
| ततोऽग्नीन्भगवान्यञ्च | ... | ५ | ३३ | २० | ततोऽहं रक्षसां सत्रम् | ... | १ |
| ततो गुहार्चनं कुर्यात् | ... | ३ | ११ | ४१ | ततोऽन्यं स तदा दध्यौ | ... | १ |
| ततो गरुडमारुह्य | ... | ५ | ३३ | १२ | ततोऽर्वाक्स्रोतसां सर्गः | ... | १ |
| ततो हाहाकृतं सर्वम् | ... | ५ | ३० | ६८ | ततो देवासुरपितॄन् | ... | १ |
| ततो दिशो नभश्चैव | ... | ५ | ३० | ५७ | ततो दुर्गाणि च यथा० | ... | १ |
| ततो निरीक्ष्य गोविन्दः | ... | ५ | ३० | ५५ | ततो ब्रह्मात्मसम्भूतम् | ... | १ |
| ततो ददर्श कृष्णोऽपि | ... | ५ | ३० | ३० | ततो धन्वन्तरिर्देवः | ... | १ |
| ततोऽनिरुद्धमादाय | ... | ५ | २८ | २८ | ततो देवा मुदा युक्ताः | ... | १ |
| ततो हाहाकृतं सर्वम् | ... | ५ | २८ | २६ | ततो नादानतीवोग्रान् | ... | १ |
| ततो बलः समुत्थाय | ... | ५ | २८ | २३ | ततो नानाविधान्दानान् | ... | १ |
| ततो जहास स्वनवत् | ... | ५ | २८ | १५ | ततो नहुषवंशम् | ... | ४ |
| ततोऽभिध्याय तस्तस्य | ... | १ | ७ | १ | ततोऽस्य वितथे पुत्रजन्मनि | ... | ४ |
| ततो दशसहस्राणि | ... | ५ | २८ | १४ | ततो नन्दी | ... | ४ |
| ततो हर्षसमाविष्टौ | ... | ५ | २७ | ३१ | ततो महानन्दी | ... | ४ |
| ततो दृढसेनः | ... | ४ | २३ | ७ | ततो विविंशकः | ... | ४ |
| ततोऽपरश्शतानीकः | ... | ४ | २१ | १४ | ततो रघुरभवद् | ... | ४ |
| ततो भूतानि | ... | ४ | ५ | १९ | ततो ब्रह्मा हरेर्दिव्यम् | ... | ५ |
| ततो वृकस्य बाहुर्योऽसौ | ... | ४ | ३ | २६ | ततोऽहं सम्भविष्यामि | ... | ५ |
| ततोऽनवरतेन | ... | ४ | २ | १०० | ततो ग्रहणगस्सम्प्यक् | ... | ५ |
| ततो मान्धातृनामा | ... | ४ | २ | ६१ | ततोऽखिलजगत्पद्म० | ... | ५ |
| ततोऽवाप तया सार्द्धम् | ... | ३ | १८ | ९४ | ततो बालध्वनिं श्रुत्वा | ... | ५ |
| ततो मैत्रेय तन्मार्ग० | ... | ३ | १८ | ३६ | ततो हाहाकृतं सर्वः | ... | ५ |
| ततो देवासुरं युद्धम् | ... | ३ | १८ | ३४ | ततो गावो निराबाधाः | ... | ५ |
| ततो दिगम्बरो मुण्डः | ... | ३ | १८ | २ | ततो धृते महाशैले | ... | ५ |
| ततोऽन्नं मृष्टमत्यर्थम् | ... | ३ | १५ | २९ | ततो ददृशुरायान्तम् | ... | ५ |
| ततो गोदोहमात्रं वै | ... | ३ | ११ | ५८ | ततो गोप्यश्च गोपाश्च | ... | ५ |