भारतकोश
विष्णु पुराण

विष्णु पुराण

Vishnu Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariHindipublished558 पृष्ठ

पृष्ठ 503, कुल 558 में से

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पृष्ठ 503

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श्लोकाःअंशा०अध्या०श्लो०श्लोकाःअंशा०अध्या०श्लो०
ततो निर्भर्त्स्य कौन्तेयः...३८१९ततोऽन्यदन्नमादाय...
ततो वायुर्विकुर्वाणः...४०ततोऽन्यानि ददौ तस्मै...
ततो यष्टिप्रहरणाः...३८१८ततो यथाभिलषिता...
ततो लोभस्समभवत्...३८१३ततो ननाश त्वरिता...
ततोऽर्जुनः प्रेतकार्यम्...३८ततो गुरुगृहे बालः...
ततोऽर्घ्यमादाय तदा...३७५६ततो विलोक्य तं स्वस्थम्...
ततो बलेन कोपेन...३६१९ततो भगवता तस्य...
ततो विध्वंसयामास...३६ततो दैत्या दानवाश्च...
ततो निर्यातयामासुः...३५३५ततो रात्रिः क्षयं याति...
ततो विदारिता पृथ्वी...३५२१ततो राज्यद्युतिं प्राप्य...
ततो ज्वालाकरालास्या...३४३३ततो मनुष्याः पशवः...
ततो हाहाकृते लोके...३४२५ततो विवस्वानाख्याते...
ततो बलेन महता...३४१५ततो व्यासो भरद्वाजः...
ततोऽनिरुद्धमारोप्य...३३५२ततोऽत्र मत्सुतो व्यासः...
ततोऽर्कशतसङ्घात०...३३३५ततोऽनन्तरसंस्कार०...
ततोऽग्नीन्भगवान्यञ्च...३३२०ततोऽहं रक्षसां सत्रम्...
ततो गुहार्चनं कुर्यात्...११४१ततोऽन्यं स तदा दध्यौ...
ततो गरुडमारुह्य...३३१२ततोऽर्वाक्स्रोतसां सर्गः...
ततो हाहाकृतं सर्वम्...३०६८ततो देवासुरपितॄन्...
ततो दिशो नभश्चैव...३०५७ततो दुर्गाणि च यथा०...
ततो निरीक्ष्य गोविन्दः...३०५५ततो ब्रह्मात्मसम्भूतम्...
ततो ददर्श कृष्णोऽपि...३०३०ततो धन्वन्तरिर्देवः...
ततोऽनिरुद्धमादाय...२८२८ततो देवा मुदा युक्ताः...
ततो हाहाकृतं सर्वम्...२८२६ततो नादानतीवोग्रान्...
ततो बलः समुत्थाय...२८२३ततो नानाविधान्दानान्...
ततो जहास स्वनवत्...२८१५ततो नहुषवंशम्...
ततोऽभिध्याय तस्तस्य...ततोऽस्य वितथे पुत्रजन्मनि...
ततो दशसहस्राणि...२८१४ततो नन्दी...
ततो हर्षसमाविष्टौ...२७३१ततो महानन्दी...
ततो दृढसेनः...२३ततो विविंशकः...
ततोऽपरश्शतानीकः...२११४ततो रघुरभवद्...
ततो भूतानि...१९ततो ब्रह्मा हरेर्दिव्यम्...
ततो वृकस्य बाहुर्योऽसौ...२६ततोऽहं सम्भविष्यामि...
ततोऽनवरतेन...१००ततो ग्रहणगस्सम्प्यक्...
ततो मान्धातृनामा...६१ततोऽखिलजगत्पद्म०...
ततोऽवाप तया सार्द्धम्...१८९४ततो बालध्वनिं श्रुत्वा...
ततो मैत्रेय तन्मार्ग०...१८३६ततो हाहाकृतं सर्वः...
ततो देवासुरं युद्धम्...१८३४ततो गावो निराबाधाः...
ततो दिगम्बरो मुण्डः...१८ततो धृते महाशैले...
ततोऽन्नं मृष्टमत्यर्थम्...१५२९ततो ददृशुरायान्तम्...
ततो गोदोहमात्रं वै...११५८ततो गोप्यश्च गोपाश्च...
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