विष्णुधर्मोत्तर पुराण (तृतीय खण्ड - चित्रसूत्र, वास्तु, शिल्प व प्रतिमा लक्षण)

विष्णुधर्मोत्तर पुराण (तृतीय खण्ड - चित्रसूत्र, वास्तु, शिल्प व प्रतिमा लक्षण)
Vishnudharmottara Purana Hindi
महर्षि वेदव्यास (सम्पादक: डॉ. प्रियबाला शाह) द्वारा
स्रोत: Sri Vishnu Dharmottara Mahapuranam 1000p Classic Edition (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,001 पृष्ठ
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| अध्यायाः | विषयाः | पत्राङ्काः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|
| ५० | गजशान्तिविधानम् .... | १०८ | २ |
| ५१ | राजपुरुषप्रशंसा .... | ११० | १ |
| ५२ | शोणितमदरक्तगुल्मौपशमतोदोषीकरणमासिलीकर्णपीततनीकरणादिपूर्वकं सुप्रसन्नत्यर्थं केशवाराधनेच्छाविमलनागौषधिविधेवणादिकथनम्, विष्णुमादुर्भावादि श्रवणगौदेवब्राह्मणपूजनपुरस्सरं धौम्यपरिचारिकाभिः सूतिकागृहं प्रविश्य सुसंतानार्थिनी नारी वातानुलोमनादि कृत्वा प्रसव्यमुदपं वलिकर्माद्याचरेत् । ततश्च जातनामकर्मनिष्क्रमणान्नप्राशनाङ्गदुन्तजनने शांत्यादि .... | ,, | २ |
| ५३ | पुत्रीयरोहिणीस्नानवर्णनम् .... | २१३ | २ |
| ५४ | पुत्रीयसप्तमीव्रतकथनम् .... | ,, | ,, |
| ५५ | पुत्रीयाष्टमीव्रतम् .... | ,, | ,, |
| ५६ | नानौषधैः पुत्रचिकित्साकथने विष्णुभक्तैः सर्वामयैकौषधित्वकथनम् | २१४ | १ |
| ५७ | सर्वरोगनाशकशतभिषास्नानविधिः .... | २१६ | २ |
| ५८ | पौषशुक्लद्वितीया-(आरोग्यद्वितीया)-यां बालेन्दुद्विजब्राह्मणानां च पूजनादारोग्यपुष्टिदिलाभः .... | ,, | ,, |
| ५९ | आरोग्यप्राप्तिविधानं फलञ्च .... | २१७ | १ |
| ६० | आरोग्याव्रतविधानम् .... | ,, | ,, |
| ६१ | शमदमाशामशतममशिशिवेषशोवेक्षणादिप्रमन्वेन धनवृद्विपुरस्सरं प्रजारक्षणम् .... | ,, | २ |
| ६२ | धर्माधिरोधिकाभसेवोवाविचारपुरस्सरमन्तःपुरीचिन्तनम् .... | २१९ | १ |
| ६३ | भोज्यभक्ष्यलेह्यचोष्यपेयोति भोज्यकल्पनाकथनम् .... | २१९ | १ |
| ६४ | शोधनशमनविरेचनभावनापाकशोधनतृषनवासनादिगन्धयुक्तिकथनम् .... | २२० | २ |
| ६५ | राजधर्मवर्णनम् .... | २२१ | १ |
| ६६ | देवपादृश्यां रथकक्षांयोगि क्रियान्विल्लो समवतंवडापि पुष्पकारम्य श्रेष्ठत्वम् .... | ,, | २२२ २ |
| ६७ | माममाध्ययुक्पनिदेशः .... | ,, | ,, |
| ६८ | जयमिन्द्रांगसंज्ञं भेदविधानम् .... | ,, | २२३ १ |
| ६९ | दानमाहात्म्यम् .... | ,, | ,, |
| ७० | दण्डप्रशंसा .... | ,, | ,, |
| ७१ | दण्डप्रणयनपुरस्सरं राज्ञः सूर्य्यचन्द्रवाय्वयमपावककुबेरवरुणात्मकत्वम् | ,, | ,, |
| ७२ | विविधतापानानुसारं दण्डप्रणायनम् .... | २२४ | २ |
| ७३ | विविधनिषिद्धकर्ममेवनानेकृन्तकथनायश्चित्तानि .... | २२८ | २ |
| ७४ | रहस्यप्रायश्चित्ताव्हानम् .... | २३२ | २ |
| ७५ | मरणाशौचशुद्धिकालकथनम् .... | २३३ | १ |
| ७६ | प्रेतनिर्हरणादिसम्बन्ध्यनादिमतक्रियाशङ्ङ्खस्थितिशंगदापणव्याख्यादिप्रेतहितकृत्यम् .... | ,, | ,, |
| ७७ | सपिण्डीकरणश्राद्धम्.... .... | २३४ | २ |
| ७८ | संसारामार्गतास्यनपुग्ग्मदं धर्मनित्यताधश्चाभानम् .... | ,, | ,, |
| ७९ | द्रव्यशुद्ध्युपायान्कम्.... .... | २३७ | १ |
| ८० | वर्णानां सामान्यविशेपधर्मानुवर्णनम् .... | ,, | ,, |