विष्णुधर्मोत्तर पुराण (तृतीय खण्ड - चित्रसूत्र, वास्तु, शिल्प व प्रतिमा लक्षण)

विष्णुधर्मोत्तर पुराण (तृतीय खण्ड - चित्रसूत्र, वास्तु, शिल्प व प्रतिमा लक्षण)
Vishnudharmottara Purana Hindi
महर्षि वेदव्यास (सम्पादक: डॉ. प्रियबाला शाह) द्वारा
स्रोत: Sri Vishnu Dharmottara Mahapuranam 1000p Classic Edition (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,001 पृष्ठ
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| अध्यायाः | विषयाः | पत्रांकाः | पृष्ठांकाः |
|---|---|---|---|
| २८४ | समाधिनिरूपणं सफलम् | ४२६ | २ |
| २८५ | व्यवसायाववर्णनम् | ४२६ | १ |
| २८६ | संकल्पवर्णनम् | ,, | ,, |
| २८७ | होमविधिवर्णनम् | ,, | ,, |
| २८८ | देवपितृपूजाफलवर्णनम् | ,, | २ |
| २८९ | आतिथ्यपूजामहत्त्वकथनम् | ४२७ | २ |
| २९० | ब्राह्मणमहत्त्ववर्णनपुरस्सरं तच्छुश्रूषाफलम् | ४२८ | १ |
| २९१ | गोमहत्त्वप्रदर्शनपुरस्सरं तच्छुश्रूषणम् | ,, | २ |
| २९२ | दयामहत्त्ववर्णनम् | ४२९ | १ |
| २९३ | दाक्षिण्यनिरूपणम् | ,, | २ |
| २९४ | प्रियंवदप्रशंसा | ,, | ,, |
| २९५ | आलस्यदोषप्रकटनपुरस्सरं यत्नस्य कार्यसाधकतावर्णनम् | ,, | ,, |
| २९६ | उदकमहत्त्वप्रदर्शनपुरस्सरं तडागादिनिर्माणफलम् | ,, | ,, |
| २९७ | वृक्षारोपणपुण्यफलारामदिनिर्माणकर्तृणां तत्तल्लोके सुखनिवास-निरूपणम् | ४३० | १ |
| २९८ | प्रपानिर्माणतज्जलाभ्यां पथिकतृषितजनितानि प्रपाकर्तृपञ्चारकयोः फलानि | ४३१ | १ |
| २९९ | तामसादिविभेदेन पुण्यफलोपदेशः, शुक्लकृष्णशबलव्याप्तिभेदेन धर्मादि-चाराश्च | ४३१ | २ |
| ३०० | दानकालसम्पद्दानफलादिकथनम् | ४३२ | १ |
| ३०१ | प्रतिग्राह्यपदार्थमितमहत्त्वमयतद्देवतादिवर्णनम् | ,, | ,, |
| ३०२ | अभयप्रदानप्रशंसावर्णनम् | ,, | २ |
| ३०३ | वेदापवेदाङ्गधर्मशास्त्रार्थव्याख्यानस्य दुस्सङ्गिनिवारणस्य च फलम् | ४३४ | १ |
| ३०४ | कन्यादानफलम् | ,, | २ |
| ३०५ | आरामजलाशयदेवताया विधिविशिष्टोप्रकारकर्मोविविधान्नमलाक्तसु-वस्त्र दाने फलानि | ४३५ | १ |
| ३०६ | गोप्रदानशक्तपरमाह्लादिकफलानिरूपणम् | ,, | २ |
| ३०७ | घृतधेनुकल्पवर्णनम् | ४३७ | १ |
| ३०८ | तिलधेनुविविधदानवर्णनम् | ,, | २ |
| ३०९ | जलधेनुविविधदानवर्णनम् | ४३८ | १ |
| ३१० | सुवर्णतिलादिविधाननिरूपणम् | ,, | ,, |
| ३११ | आसनशय्यावितानच्छत्रोपानत्तथादिदानफलवर्णनम् | ,, | २ |
| ३१२ | नृवाहशिविकादासदास्यादिदानमाहात्म्यम् | ४३९ | १ |
| ३१३ | रूपलावण्यधनसौभाग्यादिमदशमकापरसेविकादिदानवर्णनम् | ,, | २ |