विष्णुधर्मोत्तर पुराण (तृतीय खण्ड - चित्रसूत्र, वास्तु, शिल्प व प्रतिमा लक्षण)

विष्णुधर्मोत्तर पुराण (तृतीय खण्ड - चित्रसूत्र, वास्तु, शिल्प व प्रतिमा लक्षण)
Vishnudharmottara Purana Hindi
महर्षि वेदव्यास (सम्पादक: डॉ. प्रियबाला शाह) द्वारा
स्रोत: Sri Vishnu Dharmottara Mahapuranam 1000p Classic Edition (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,001 पृष्ठ
पृष्ठ 44, कुल 1001 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 44
वि० ध० ॥ १८ ॥ अनु० ॥ ३८ ॥
| अध्यायः | विषयाः | पत्राङ्काः | पृष्ठाङ्काः | अध्यायः | विषयाः | पत्राङ्काः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| २५० | अशौचदोषाः | ४१५ | १ | २६७ | शूरशौर्यवर्णनम् | ४२० | १ |
| २५१ | अनृतदोषवर्णनम् | ,, | २ | २६८ | अहिंसागुणहिंसादोषवर्णने | ४२१ | १ |
| २५२ | हिंसादोषकथनम् | ४१६ | १ | २६९ | क्षमागुणवर्णनम् | ,, | ,, |
| २५३ | कायवाङ्मनोजनितपापफलनिर्देशवर्णनम् | ,, | २ | २७० | कृतज्ञता (आनृशंस्य) गुणवर्णनम् | ४२२ | १ |
| २५४ | ज्ञानमहत्त्ववर्णनम् | ४१७ | १ | २७१ | आचारगुणवर्णनम् | ,, | ,, |
| २५५ | धर्मप्रशंसावर्णनम् | ,, | ,, | २७२ | शौचप्रशंसा | ,, | २ |
| २५६ | गृहस्थाश्रममाहात्म्यम् | ४१८ | १ | २७३ | तीर्थानुसरणप्रशंसनम् | ,, | ,, |
| २५७ | स्वाध्यायप्रशंसा | ,, | ,, | २७४ | उपवासप्रशंसावर्णनम् | ४२३ | १ |
| २५८ | ब्रह्मचर्यप्रशंसावर्णनम् | ,, | २ | २७५ | मनःशौचिनिरूपणम् | ,, | २ |
| २५९ | सन्तानप्रशंसा | ,, | ,, | २७६ | श्रद्धावर्णनम् | ,, | ,, |
| २६० | कीर्तिप्रशंसावर्णनम् | ,, | ,, | २७७ | ज्ञानमाहात्म्यवर्णनम् | ,, | ,, |
| २६१ | यशःप्रशंसावर्णनम् | ,, | ,, | २७८ | जपप्रशंसावर्णनम् | ४२४ | १ |
| २६२ | यज्ञप्रशंसावर्णनम् | ४१९ | १ | २७९ | जलान्तर्जपमाहात्म्यवर्णनम् | ,, | २ |
| २६३ | शीलप्रशंसावर्णनम् | ,, | ,, | २८० | प्राणायाममाहात्म्यवर्णनम् | ,, | ,, |
| २६४ | दम (जितेन्द्रियत्व) प्रशंसनम् | ,, | ,, | २८१ | प्रत्याहारवर्णनम् | ,, | ,, |
| २६५ | सत्यप्रशंसावर्णनम् | ,, | २ | २८२ | धारणातिरूपणम् | ४२५ | १ |
| २६६ | तपःप्रशंसावर्णनम् | ,, | ,, | २८३ | ध्यानवर्णनम् | ,, | ,, |