भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( १११ ) २६. शनि पर्वत के नीचे यदि मस्तिष्क रेखा पर द्वीप का चिह्न दिखाई दे तो २४वें वर्ष में उसे पागलखाने जाना पड़ता है । ३०. यदि सूर्य पर्वत के नीचे मस्तिष्क रेखा पर किसी प्रकार का कोई द्वीप दिखाई दे तो वह व्यक्ति जीवन में सभी दृष्टियों से असफल रहता है । ३१. यदि बुध पर्वत के नीचे इस रेखा पर द्वीप बन जाय तो विस्फोट के कारण उस व्यक्ति की मृत्यु होती है । ३२. यदि मस्तिष्क रेखा बीच में से कटी हुई हो तो ऐसे व्यक्ति असंतुलित दिमाग वाला कहा जायगा । ३३. यदि मस्तिष्क रेखा के आस-पास छोटी-मोटी बारीक रेखाएं दिखाई दें तो वह व्यक्ति अस्थिर निर्णय वाला होता है । ३४. यदि मस्तिष्क रेखा घूम कर शुक्र पर्वत की ओर जाती हुई दिखाई दे तो वह व्यक्ति उन्नति करता है तथा स्त्रियों में अत्यधिक लोकप्रिय होता है । ३५. यदि मस्तिष्क रेखा पर सफेद बिन्दु दिखाई दे तो वह व्यक्ति जीवन में पूर्ण सफलता प्राप्त करता है । ३६. यदि मस्तिष्क रेखा पर काले धब्बे या बिन्दु दिखाई दें तो ऐसा व्यक्ति विकृत मस्तिष्क वाला होता है । ३७. यदि इस रेखा पर क्रॉस का चिह्न हो तो उस व्यक्ति की मृत्यु दुर्घटना से होती है। ३८. यदि इस रेखा पर नक्षत्र का चिह्न दिखाई दे तो उसे जीवन में गहरी चोट लगती है । ३६. यदि इस रेखा पर वृत्त का चिह्न हो तो वह व्यक्ति अदूरदर्शी तथा मूर्ख होता है । ४०. यदि इस रेखा पर त्रिकोण का चिह्न हो तो उसे जीवन में भयंकर हानि का सामना करना पड़ता है । ४१. यदि लम्बी उंगलियां हों और मस्तिष्क रेखा भी सीधी तथा स्पष्ट हो तो वह व्यक्ति सूक्ष्मदर्शी एवं बुद्धिमान होता है । ४२. यदि छोटी उंगलियां हों पर मस्तिष्क रेखा स्पष्ट हो तो उसके जीवन में पूर्ण प्रगति नहीं हो पाती । ४३. यदि सभी पर्वत पुष्ट हों तथा मस्तिष्क रेखा भी सीधी और स्पष्ट हो तो वह व्यक्ति निश्चय ही अपने प्रयत्नों से जीवन में सफलता प्राप्त करता है । ४४. यदि हाथ में नोकीली उंगलियां हों तथा मस्तिष्क रेखा सीधी हो तो वह व्यक्ति विद्वान होता है।