बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १३० ) ३६. यदि अनामिका उंगली टेढ़ी-मेढ़ी हो पर सूर्य रेखा स्पष्ट हो तो उसे अपराध पूर्ण कार्यों से यश मिलता है । ३७. यदि सूर्य रेखा के अन्त में तीन रेखाएं दिखाई दें तो उसके जीवन में आर्थिक दृष्टि से कोई कमी नहीं रहती । ३८. यदि यह रेखा बार-बार टूट कर बढ़ रही हो तो वह अपने आलस्य के कारण ही सफलता प्राप्त नहीं कर पाता है । ३६. यदि यह रेखा जंजीरदार हो तो उस व्यक्ति के जीवन में काफी बाधाएं रहती हैं। ४०. यदि यह रेखा टेढ़ी-मेढ़ी हो तो उस व्यक्ति के कार्य ही उसके जीवन में बाधाएं उत्पन्न करते हैं । ४१. यदि हथेली में भाग्य रेखा तथा सूर्य रेखा दोनों ही श्रेष्ठ हों तो उसका जीवन सभी दृष्टियों से श्रेष्ठ होता है । ४२. यदि रेखा के अन्त में द्वीप हो तो वह जीवन-भर बीमार बना रहता है वस्तुतः सूर्य रेखा व्यक्ति के जीवन को और उसके भाग्य को समझने के लिए बहुत अधिक उपयोगी है । अतः हस्तरेखा विशेषज्ञ को सूर्य रेखा का अत्यन्त सूक्ष्मता से और गहराई से अध्ययन करना चाहिए ।