भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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कहलाती हैं और ऐसे व्यक्ति का विवाह निश्चय ही होता है। परन्तु ये रेखाएं हृदय रेखा से नीचे हों तो ऐसे व्यक्ति का विवाह जीवन में नहीं होता । यदि हथेली में दो या तीन विवाह रेखाएं हों तो जो रेखा सबसे अधिक लम्बी पुष्ट और स्वस्थ हो उसे विवाह रेखा मानना चाहिए। बाकी की रेखाएं इस बात की सूचक होती हैं कि या तो विवाह से पूर्व उतने संबंध होकर छूट जायेंगे अथवा विवाह के बाद उतने अन्य स्त्रियों से सम्पर्क रहेंगे। पर इसके साथ ही साथ जो छोटी-छोटी रेखाएं होती हैं वे रेखाएं प्रणय रेखाएं कहलाती हैं। ये जितनी रेखाएं होंगी व्यक्ति के जीवन में उतनी ही पर स्त्रियों का सम्पर्क रहेगा । यही बात स्त्रियों के हाथ में भी लागू होती है । पर केवल ये रेखाएं देखकर ही अपना मत स्थिर नहीं कर लेना चाहिए, पर्वतों का अध्ययन भी इसके साथ-साथ आवश्यक है । यदि इस प्रकार की रेखाएं हों और गुरु पर्वत ज्यादा पुष्ट हो तो निश्चय ही ऐसा व्यक्ति प्रेम संबंध स्थापित करता है पर उसका प्रेम सात्विक और निर्दोष होता है। यदि शनि पर्वत विशेष उभरा हुआ हो और ऐसी रेखाएं हों तो व्यक्ति अपनी आयु से बड़ी आयु की स्त्रियों से प्रेम संबंध स्थापित करता है। यदि हथेली में सूर्य पर्वत पुष्ट हो और ऐसी रेखाएं हों तो व्यक्ति बहुत अधिक सोच विचार कर अन्य स्त्रियों से प्रेम सम्पर्क स्थापित करता है । यदि बुध पर्वत विकसित हो तथा प्रणय रेखाएं हाथ में दिखाई दें तो ऐसे व्यक्ति को भी प्रेमिकाओं से धन लाभ होता है। यदि हथेली में प्रणय रेखाएं हों और चन्द्र पर्वत विकसित हो तो व्यक्ति काम लोलुप तथा सुन्दर स्त्रियों के पीछे फिरने वाला होता है। यदि शुक्र पर्वत बहुत अधिक विकसित हो तथा प्रणय रेखाएं हों तो वह अपने जीवन में कई स्त्रियों से सम्बन्ध स्थापित करता है तथा उसमें पूर्ण सफलता प्राप्त करता है । प्रणय रेखा का हृदय रेखा से गहरा सम्बन्ध होता है । ये प्रणय रेखाएं हृदय रेखा से जितनी अधिक नजदीक होंगी व्यक्ति उतनी ही कम उम्र में प्रेम सम्बन्ध स्थापित करेगा । और ये प्रणय रेखाएं हृदय रेखा से जितनी अधिक दूर होंगी जीवन में प्रेम सम्बन्ध उतना ही अधिक विलम्ब से होगा । यदि हथेली में प्रणय रेखा न हो तो व्यक्ति अपने जीवन में संयमित रहते हैं तथा वे काम लोलुप नहीं होते । यदि प्रणय रेखा गहरी तथा स्पष्ट हो तो उस व्यक्ति के प्रणय संबंध भी गहरे बनेंगे । परन्तु यदि ये प्रणय रेखाएं छोटी तथा कमजोर हों तो उस व्यक्ति के प्रणय संबंध भी बहुत कम समय तक चल सकेंगे । यदि दो प्रणय रेखाएं साथ-साथ आगे बढ़ रही हों तो उसके जीवन में एक साथ दो स्त्रियों से प्रेम सम्बन्ध चलेंगे ऐसा समझना चाहिए । यदि प्रणय रेखा पर क्रॉस