भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( १६४ ) ३. एकाउन्टेन्ट : एकाउन्टेन्ट या मुनीम के हाथ में यह विशेषता होती है कि उसका बुध पर्वत अपने आप में विकसित तथा ऊंचा उठा हुआ होता है । साथ ही उसका सूर्य पर्वत भी उभरा हुआ होता है एवं उस पर सूर्य रेखा पूरी तरह से देखी जा सकती है । साथ ही साथ भाग्य रेखा का भी अध्ययन किया जाना चाहिए । यदि भाग्य रेखा बिना कहीं से कटे मध्यमा के मूल में स्थित शनि पर्वत पर सफलता के साथ जा रही हो तो ऐसा व्यक्ति एक सफल एकाउन्टेन्ट होता है । यदि ऊपर लिखे तथ्य हों और मध्यमा उंगली एवं कनिष्ठिका उंगली सामान्यतः कुछ लम्बाई लिये हुए हो साथ ही अंगूठे मजबूत हों तो वह व्यक्ति बैंक में महत्वपूर्ण पद पर [Image Caption: एकाउन्टेन्ट] होता है । ऐसा व्यक्ति इनकमटैक्स अधिकारी भी हो सकता है । यदि इन लक्षणों के अलावा चन्द्र रेखा पूर्णतः विकसित हो तथा भाग्य रेखा भी सहायक हो तो वह व्यक्ति चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट होता है । ४. न्यायाधीश : जिस व्यक्ति के हाथ में तर्जनी उंगली अनामिका से कुछ लम्बाई लिये हुए हो तथा कनिष्ठिका उंगली अनामिका के तीसरे पोर से ऊपर उठी हुई हो, साथ ही साथ सभी उंगलियां सुन्दर हों, गुरु पर्वत पूर्णतः विकसित हो तथा उस पर क्रॉस का चिह्न हो तो ऐसा व्यक्ति विख्यात् वकील होता है । ऊपर लिखे गुण होने के साथ-साथ यदि व्यक्ति की हथेली में भाग्य रेखा निर्दोष पतली तथा स्पष्ट हो, साथ सूर्य पूर्ण प्रभाव युक्त हो और अंगूठा लम्बा तथा पीछे की तरफ झुका हुआ हो तो वह व्यक्ति निश्चय ही सफल न्यायाधीश होगा । ऊपर लिखे गुण होने के साथ-साथ यदि भाग्य रेखा [Image Caption: न्यायाधीश] से कोई शाखा गुरु पर्वत पर पहुंचती हो तो वह व्यक्ति निश्चय ही मुख्य न्यायाधीश होता है ।