भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 204, कुल 350 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 204

( २०६ ) फल : जिस व्यक्ति के हाथ में अमला योग होता है, वह व्यक्ति बुद्धिमान चतुर तथा प्रसिद्धि प्राप्त करने वाला व्यक्ति माना जाता है। आर्थिक एवं भौतिक दृष्टि से ऐसा व्यक्ति पूर्ण सफल होता है तथा अपने जीवन में व्यापारिक कार्यों से कई बार विदेश यात्राएं करता है। यदि हाथ में शुक्र पर्वत पूर्ण विकास पर होता है तथा उस पर बाधक रेखाएं नहीं होतीं तो निश्चय ही ऐसा व्यक्ति भौतिक सुख प्राप्त करता है तथा उसके जीवन में पत्नी के अलावा भी अन्य स्त्रियों से सम्बन्ध रहते हैं। जीवन में उसे बदनामी का सामना नहीं करना पड़ता। अमला योग शुभ योग : परिभाषा : यदि दाहिने हाथ में शनि का पर्वत विकसित हो तथा उस पर स्पष्ट भाग्य रेखा आकर बनी हो तो उसके हाथ में शुभ योग होता है। फल : जिस व्यक्ति के हाथ में शुभ योग होता है वह प्रसिद्ध वक्ता, तथा जनता को सम्मोहित करने की क्षमता रखने वाला होता है। ऐसे व्यक्ति के हाथ में इस प्रकार का योग होता है कि वह जो कुछ भी चाहता है जनता से प्राप्त कर लेता है। उसकी वाणी में मंत्र मुग्ध करने की शक्ति होती है। तथा जनता की भावनाओं को अपने पक्ष में करने की उसे पूर्ण शुभ योग कला आती है। ऐसे व्यक्ति का व्यक्तित्व अपने आप में आकर्षक एवं भव्य होता है। टिप्पणी : शुभ योग से सम्पन्न व्यक्ति का भाग्योदय अपने जन्म स्थान से दूर जाने पर ही होता है। बुध योग : परिभाषा : यदि दाहिने हाथ में बुध पर्वत अपने आप में विकसित हो और चन्द्र पर्वत से धनुषाकार रेखा बुध पर्वत पर पहुंचती हो और वह रेखा मार्ग में कहीं पर भी टूटी हुई या कमजोर न हो अथवा जंजीरदार एवं बहुत अधिक मोटी न हो तो ऐसे व्यक्ति के हाथ में बुध योग बनता है। फल : जिस व्यक्ति के हाथ में बुध योग होता है वह व्यापार के माध्यम से जीवन में पूर्ण सफलता प्राप्त करता है। उसके जीवन में धन का तथा सम्मान का किसी प्रकार का कोई बुध योग अभाव नहीं रहता। शारीरिक दृष्टि से वह पूर्णतः स्वस्थ एवं