भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( २३६ ) चिकित्सक योग : परिभाषा : यदि दोनों हाथों में बुध पर्वत विकसित हों तथा उस पर तीन खड़ी रेखाएं हों तो चिकित्सक योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह कुशल वैद्य अथवा श्रेष्ठ डाक्टर होता है । (चित्र: चिकित्सक योग) सैनिक योग : परिभाषा : यदि दोनों हाथों में मंगल पर्वत पर त्रिकोण का चिन्ह हो तो उपर्युक्त योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह सेना में उच्च पद को प्राप्त करने में सफल होता है । (चित्र: सैनिक योग) साहित्यिक योग : परिभाषा : यदि गुरु पर्वत चन्द्र पर्वत तथा सूर्य पर्वत विकसित हों एवं चन्द्र रेखा बुध पर्वत तक जाती हो तो यह योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह एक सफल साहित्यकार होता है । टिप्पणी : विद्वानो ने इसके अलावा निम्न लिखित योगों को भी साहित्यिक योग माना है । १. यदि तर्जनी उंगली के ऊपरी सिरेपर क्रॉस का चिह्न हो । २. यदि बुध पर्वत पर तारे का चिह्न हो । ३. यदि मणिबन्ध से सूर्य पर्वत तक सीधी रेखा जाती हो । (चित्र: साहित्यिक योग)